उत्तर प्रदेश के 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के कारण सड़क धंसने की घटना सामने आने के बाद यूपीडा ने तत्काल कार्रवाई की। उन्नाव क्षेत्र के पास एक्सप्रेसवे पर सड़क और साइड रेलिंग के नजदीक करीब 10 मीटर गहरा गड्ढा हो गया था। सड़क धंसने की सूचना मिलते ही यूपीडा और कार्यदायी संस्था की टीमें मौके पर पहुंचीं और बारिश के बीच ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह घटना गंगा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर संख्या 421 के पास हुई। यह हिस्सा मेरठ से प्रयागराज जाने वाले मार्ग पर आता है। लगातार बारिश के कारण सड़क के किनारे की मिट्टी खिसकने लगी और देखते ही देखते सड़क के पास गहरा गड्ढा बन गया। सड़क धंसने से एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद यूपीडा और कार्यदायी संस्था की टीमों ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में धंसी हुई सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया गया। टीमों ने बारिश के बीच आवश्यक कार्य को तेजी से पूरा किया, ताकि एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित न हो।
मरम्मत के दौरान सड़क के धंसे हिस्से को ठीक करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षित बनाने पर ध्यान दिया गया। सड़क के किनारे करीब 10 मीटर गहरा गड्ढा होने के कारण किसी वाहन के अनियंत्रित होकर उस तरफ जाने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में समय रहते की गई कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूपीडा की टीमों ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए मरम्मत का काम पूरा किया। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर वाहनों का आवागमन दोबारा सुचारु हो गया। फिलहाल मेरठ से प्रयागराज की ओर जाने वाले वाहन सामान्य तरीके से एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है। इसके जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सड़क संपर्क बेहतर करने की योजना है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर किसी भी तरह की क्षति या जलभराव की स्थिति सामने आने पर तत्काल कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है।
बारिश के मौसम में सड़कों के किनारे मिट्टी खिसकने और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसी वजह से एक्सप्रेसवे की निगरानी करने वाली टीमें संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए रखती हैं। उन्नाव के पास सड़क धंसने की घटना के बाद भी टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संभावित खतरे को दूर कर दिया।
सबसे राहत की बात यह रही कि सड़क धंसने के बाद स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया और एक्सप्रेसवे पर आवागमन को लंबे समय तक प्रभावित नहीं होने दिया गया। मौके पर पहुंची टीमों ने जरूरी मरम्मत कार्य पूरा कर सड़क को फिर से सुरक्षित बनाया।
फिलहाल गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही जारी है और मेरठ से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को आवागमन में कोई बड़ी परेशानी नहीं बताई जा रही है। यूपीडा और संबंधित कार्यदायी संस्था की टीमों की ओर से सड़क की स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि बारिश के दौरान किसी अन्य हिस्से में समस्या सामने आने पर भी तत्काल कार्रवाई की जा सके।


