Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Ayurveda For Monsoon: सोंठ का पानी पीने से क्या वाकई बढ़ती है Immunity? जानें फायदे और किन लोगों को रहना चाहिए सावधान

मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली और ठंडक तो लेकर आता है, लेकिन इस दौरान खान-पान और साफ-सफाई को लेकर थोड़ी अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। बारिश के मौसम में कई लोगों को अपच, गैस, पेट फूलने और एसिडिटी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। ऐसे में लोग पारंपरिक घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। इन्हीं में से एक है सूखी अदरक यानी सोंठ का पानी।

आयुर्वेद में सोंठ का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, इसे हर बीमारी से बचाने वाला या सीधे इम्यूनिटी बढ़ाने वाला इलाज मानना सही नहीं है। अदरक के कुछ संभावित स्वास्थ्य लाभों पर शोध जरूर हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।

अगर आप मानसून में सोंठ का पानी पीना चाहते हैं तो इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना बेहतर है। सामान्य तौर पर एक लीटर पानी में करीब आधा चम्मच सोंठ पाउडर डालकर लगभग 10 मिनट तक उबाला जा सकता है। इसके बाद पानी को छानकर सामान्य तापमान पर पी सकते हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं के आधार पर इसका सेवन अलग हो सकता है।

सोंठ का पानी पाचन से जुड़ी कुछ परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकता है। अदरक का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से अपच और पेट की असहजता के लिए किया जाता रहा है। कुछ लोगों को इसका सेवन करने के बाद पेट हल्का महसूस हो सकता है, हालांकि हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।

मानसून के दौरान गैस और पेट फूलने की शिकायत भी कई लोगों को होती है। अदरक का इस्तेमाल पेट से जुड़ी असहजता के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। लेकिन इसे गैस या ब्लोटिंग का निश्चित इलाज नहीं माना जा सकता। अगर समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ पेट दर्द, उल्टी या वजन कम होने जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सर्दी-जुकाम और इम्यूनिटी को लेकर भी सोंठ के पानी को काफी प्रचारित किया जाता है। हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि सोंठ का पानी पीने से मौसमी संक्रमण निश्चित रूप से रुक जाते हैं। स्वस्थ इम्यून सिस्टम के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और साफ-सफाई ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

अब बात करते हैं कि किन लोगों को सोंठ का पानी पीते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अगर आपको पहले से एसिडिटी, सीने में जलन या रिफ्लक्स की समस्या रहती है तो सोंठ परेशानी बढ़ा सकती है। अदरक के सेवन से कुछ लोगों में हार्टबर्न, पेट की परेशानी, दस्त और मुंह या गले में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

जिन लोगों को मुंह में छाले या गले में जलन की समस्या है, उन्हें भी सोंठ का सेवन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। अगर सोंठ लेने के बाद जलन या पेट संबंधी परेशानी बढ़ती है तो इसका सेवन बंद कर देना बेहतर है।

इसके अलावा अगर आप नियमित रूप से कोई दवा लेते हैं तो हर्बल चीजों का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। खासतौर पर ब्लड थिनर जैसी दवाएं लेने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान भी किसी हर्बल नुस्खे को रोजाना इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। हर व्यक्ति के लिए एक जैसी मात्रा या उपयोग की सलाह नहीं दी जा सकती।

आयुर्वेदिक नजरिए से सोंठ को अक्सर कफ और वात से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन पारंपरिक दावों और आधुनिक चिकित्सा प्रमाणों को अलग-अलग समझना जरूरी है। इसलिए सोंठ के पानी को संतुलित डाइट का एक हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं समझना चाहिए।

अगर आपको मानसून में बार-बार खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार पेट दर्द, उल्टी या गंभीर एसिडिटी जैसी समस्या होती है तो केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहें। ऐसे लक्षणों में योग्य डॉक्टर से जांच और उचित उपचार लेना जरूरी है।

कुल मिलाकर, सीमित मात्रा में सोंठ का पानी कुछ लोगों के लिए पाचन संबंधी आराम देने वाला पेय हो सकता है, लेकिन इसके फायदे व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं। इसे ‘इम्यूनिटी बूस्टर’ या मौसमी बीमारियों से बचाने वाली निश्चित औषधि मानना उचित नहीं है। खासकर एसिडिटी, हार्टबर्न, पेट की संवेदनशीलता या नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को इसका सेवन शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles