मुंबई के पवई इलाके से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 25 वर्षीय एयर होस्टेस के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किए जाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आरोपी कथित तौर पर ट्रांसजेंडर का रूप बनाकर महिला के घर में दाखिल हुआ था। उसने महिला और अस्पताल में भर्ती उसके पति पर ‘बुरी नजर’ होने की बात कही और दावा किया कि वह इस कथित बुरी नजर को दूर कर सकता है।
आरोप है कि इसी बहाने आरोपी ने महिला का भरोसा हासिल किया और उसके फ्लैट के अंदर प्रवेश कर गया। घर में पहुंचने के बाद उसने महिला को कथित तौर पर बेडरूम में ले जाकर उसके साथ यौन हिंसा की। घटना के बाद महिला ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी की पहचान करना थी। घटना के बाद जांच टीम ने इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की। फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और कथित तौर पर घटना के करीब चार घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह महिला के घर तक कैसे पहुंचा और क्या उसने पहले से इस वारदात की योजना बनाई थी।
जांच के दौरान पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी ने महिला के घर में प्रवेश करने के लिए ‘बुरी नजर’ उतारने की बात का सहारा क्यों लिया। इस तरह के मामलों में आरोपी अक्सर पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए किसी बहाने का इस्तेमाल कर सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू को गंभीरता से जांच रही है।
बताया जा रहा है कि महिला का पति उस समय अस्पताल में भर्ती था। आरोपी ने इसी परिस्थिति का फायदा उठाते हुए महिला को कथित तौर पर यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उसके और उसके पति पर किसी तरह की नकारात्मक शक्ति या बुरी नजर का प्रभाव है। इसके बाद उसने घर के अंदर जाकर कथित वारदात को अंजाम दिया।
घटना सामने आने के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि CCTV फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान करने और उसे पकड़ने में जांच टीम को कुछ ही घंटे लगे। हालांकि मामले में सामने आए आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य व्यक्ति को इसी तरह के बहाने से निशाना बनाया था। जांच एजेंसियां घटना से जुड़े सभी सबूत जुटाने में लगी हुई हैं, ताकि मामले को अदालत के सामने मजबूती से रखा जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि किसी अनजान व्यक्ति को घर में प्रवेश देने से पहले उसकी पहचान और उसके दावे की पुष्टि करना कितना जरूरी है। खासकर जब कोई व्यक्ति किसी धार्मिक या अंधविश्वास से जुड़े दावे के आधार पर मदद करने की बात करे, तो अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह सामने आना बाकी है कि आरोपी ने वारदात की पूरी योजना कैसे बनाई, महिला के घर तक उसकी पहुंच कैसे हुई और इस घटना के पीछे उसकी वास्तविक मंशा क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की तस्वीर साफ हो सकेगी।


