अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और एफबीआई ने रूसी खुफिया एजेंसियों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिका और यूरोप में लक्षित हत्याओं (targeted killings), तोड़फोड़ और आक्रामक अभियानों की साजिश रचने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, यह नेटवर्क लंबे समय से अमेरिका और सहयोगी यूरोपीय देशों में अस्थिरता और तबाही फैलाने की साजिश में जुटा हुआ था।
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य उन देशों के नागरिकों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना था, जो रूस-यूक्रेन युद्ध में खुलकर यूक्रेन का समर्थन कर रहे हैं। इस नेटवर्क ने अमेरिका सहित कई देशों में स्थानीय लोगों की भर्तियां कीं और उन्हें वित्तीय मदद मुहैया कराई। इन लोगों का इस्तेमाल हमलों से पहले की जासूसी, निगरानी (pre-operational surveillance) और फिर लक्षित हमलों को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
न्यूयॉर्क के सदर्न डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी जेमी मैकडोनाल्ड ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी जमीन पर या अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह की राज्य-पोषित (state-sponsored) हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैकडोनाल्ड ने इस नेटवर्क को “बेहद दुस्साहसी, आक्रामक और दूर तक फैला हुआ” करार देते हुए कहा कि रूसी एजेंसियों के इशारे पर काम कर रहे ये आरोपी दुनिया भर में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे थे।
फिलहाल चार्जशीट किए गए सभी पांचों आरोपी फरार हैं और अमेरिकी जांच एजेंसियां FBI के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनकी तलाश में जुटी हुई हैं। इस कार्रवाई ने एक बार फिर पश्चिमी देशों और रूस के बीच जारी छाया युद्ध (shadow war) को सतह पर ला दिया है। यह मामला दिखाता है कि आधुनिक खुफिया युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के प्रमुख शहरों और बुनियादी ढांचे के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुका है।


