ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बेहद गंभीर दावा सामने आया है। ईरानी मौलवी और विशेषज्ञों की सभा के सदस्य मोहसेन हैदरी ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान मोजतबा खामेनेई घायल हो गए थे और इलाज के दौरान जिस अस्पताल में उन्हें रखा गया था, वह भी हमले की चपेट में आ गया। हैदरी के मुताबिक, अस्पताल पर बमबारी के बाद मोजतबा खामेनेई मलबे के नीचे फंस गए थे और बाद में उन्हें वहां से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मोहसेन हैदरी ने यह दावा कतर के टेलीविजन नेटवर्क अल अरबी को दिए एक इंटरव्यू के दौरान किया। उन्होंने मोजतबा खामेनेई की चोटों और अस्पताल में इलाज को लेकर घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआती हमलों में घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। हैदरी का दावा है कि इसके बाद तेहरान के तीन अस्पतालों को निशाना बनाया गया और मोजतबा खामेनेई जिस तीसरे अस्पताल में मौजूद थे, वहां भी हमला हुआ।
हैदरी के मुताबिक, हमले के बाद अस्पताल का एक हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और मोजतबा खामेनेई उसी मलबे में फंस गए थे। उनका दावा है कि बाद में उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें किस तरह की चोटें आई थीं, उनकी हालत उस समय कितनी गंभीर थी और उन्हें अस्पताल से निकालने के बाद कहां ले जाया गया। इन सवालों पर फिलहाल स्वतंत्र और पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मोजतबा खामेनेई को लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की खबरें और दावे सामने आते रहे हैं। उनकी सार्वजनिक मौजूदगी भी सीमित रही है, जिसकी वजह से उनकी स्वास्थ्य स्थिति और गतिविधियों को लेकर अटकलें लगती रही हैं। लेकिन किसी भी दावे को तथ्य मानने से पहले उसके स्वतंत्र रूप से सत्यापित होने का इंतजार करना जरूरी है।
इसी बीच मोजतबा खामेनेई के ईरान के सर्वोच्च नेता चुने जाने को लेकर भी मोहसेन हैदरी ने जानकारी दी है। उनके अनुसार, 8 मार्च को एक गुप्त मतदान हुआ था, जिसमें कुल 59 सदस्यों में से 50 ने मोजतबा खामेनेई के पक्ष में मतदान किया और इसके बाद उन्हें सर्वोच्च नेता चुना गया। यह दावा भी हैदरी के बयान पर आधारित है और इसके सभी विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मोजतबा खामेनेई का नाम ईरान की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहा है, लेकिन सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचने के बाद उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सामने आने वाले दावों ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। खासतौर पर अस्पताल पर हमले और मलबे से निकाले जाने का दावा बेहद गंभीर है। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह उस समय ईरान में सुरक्षा परिस्थितियों की गंभीरता को दिखाने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकता है।
लेकिन फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि सामने आया विवरण एक ईरानी मौलवी के दावे पर आधारित है। स्वतंत्र स्रोतों से अस्पताल पर हमले, मोजतबा खामेनेई के वहां मौजूद होने और मलबे से निकाले जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस दावे को अभी पुष्ट तथ्य के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि ईरानी अधिकारी मोजतबा खामेनेई की स्थिति और उस कथित हमले को लेकर आगे क्या जानकारी सामने रखते हैं। क्या वास्तव में वह हमले के दौरान घायल हुए थे? क्या जिस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, वह बमबारी की चपेट में आया था? और क्या उन्हें सच में मलबे से बाहर निकाला गया था? इन सवालों के जवाब स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।


