नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए एथलेटिक्स में एक ही दिन में छह पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। भारत के खाते में तीन रजत और तीन कांस्य पदक आए। गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर और यशवीर सिंह ने रजत पदक अपने नाम किए, जबकि विथ्या रामराज, रोहित यादव और पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीते।
सबसे पहले बात करते हैं गुलवीर सिंह की। पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में गुलवीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता। गुलवीर इससे पहले इन एशियन गेम्स में 10 हजार मीटर में भी रजत पदक जीत चुके हैं। 1500 मीटर में जापान के काजुतो ईजावा ने 3 मिनट 36.35 सेकेंड के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान के ही नागिया मोरी ने कांस्य पदक हासिल किया।
लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने भी भारत के लिए रजत पदक जीता। श्रीशंकर का दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें दूसरे स्थान पर रखने के लिए पर्याप्त रहा। हालांकि मुकाबले के दौरान उनके टखने में चोट लग गई, जिसके बाद उन्होंने अपने अंतिम दो प्रयास नहीं किए। चोट के बावजूद उनका शुरुआती प्रदर्शन भारत के लिए पदक सुनिश्चित करने में कामयाब रहा।
भाला फेंक में भारत ने डबल पोडियम हासिल किया। यशवीर सिंह ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। वहीं भारत के ही रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 88.33 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस तरह पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत ने एक साथ रजत और कांस्य दोनों पदक हासिल किए।
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज ने कांस्य पदक जीतने के साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने 54.75 सेकेंड का समय निकाला और पीटी उषा का 42 साल पुराना 55.42 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। विथ्या का इन एशियन गेम्स में यह दूसरा पदक है। इससे पहले वह मिश्रित 4×400 मीटर रिले में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं।
विथ्या ने अपनी दौड़ में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शानदार प्रदर्शन किया। लगातार बारिश और गीली ट्रैक परिस्थितियों के बीच 54.75 सेकेंड का समय निकालना उनके प्रदर्शन को और खास बनाता है। महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम ने स्वर्ण और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स ने रजत पदक जीता। भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं।
महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीता। उत्तर प्रदेश की पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकाला। वह 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में इस स्पर्धा की स्वर्ण पदक विजेता थीं, लेकिन इस बार वह अपने खिताब का बचाव नहीं कर सकीं। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने स्वर्ण और जापान की नोजोमी तनाका ने रजत पदक जीता। पारुल का इन एशियन गेम्स में यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी कांस्य पदक जीता था।
भारत के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि एथलेटिक्स में एक ही दिन छह पदक हासिल हुए। हालांकि इस प्रदर्शन के बावजूद एथलेटिक्स में भारत का स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा। बारिश के कारण नागोया में खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय एथलीटों ने इसके बावजूद कई स्पर्धाओं में पोडियम फिनिश हासिल की।
वहीं पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में अविनाश साबले अपने पिछले एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सके और चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 8 मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। जापान के रयूजी मियुरा ने गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस स्पर्धा में साबले पदक से चूक गए, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए पूरे दिन का प्रदर्शन पदकों से भरा रहा।
नागोया में भारतीय एथलीटों के शानदार प्रदर्शन ने ट्रैक एंड फील्ड में भारत की मजबूत मौजूदगी को सामने रखा है। गुलवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर और यशवीर सिंह के रजत पदक के साथ विथ्या रामराज, रोहित यादव और पारुल चौधरी के कांस्य पदक इस दिन की बड़ी उपलब्धियां रहीं। अब प्रतियोगिता के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों की नजरें बाकी मुकाबलों पर हैं।


