दिल्ली-नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सालों से लंबित बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को जनता को समर्पित किया। उद्घाटन कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। इस नए कॉरिडोर से पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली के बीच आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बारापुला फेज-3 कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेज-1 को सराय काले खां से जोड़ता है। इस रूट के शुरू होने से पूर्वी दिल्ली और नोएडा की तरफ से दक्षिणी दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। खास तौर पर AIIMS और दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक की समस्या लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। पीक आवर्स में नोएडा, मयूर विहार, सराय काले खां और दक्षिणी दिल्ली की ओर जाने वाले कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में नया एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से यातायात के दबाव को अलग-अलग मार्गों पर बांटने में मदद मिल सकती है।
इस परियोजना की कहानी भी काफी पुरानी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, बारापुला फेज-3 प्रोजेक्ट को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी। योजना मयूर विहार से सराय काले खां तक करीब 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करने की थी। हालांकि परियोजना को पूरा होने में कई साल लगे और अब इसका उद्घाटन किया गया है।
मंगलवार को हुए उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत दिल्ली सरकार और प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। परियोजना के शुरू होने के बाद अब इस रूट पर यातायात व्यवस्था को लेकर आगे की तस्वीर सामने आएगी।
इस कॉरिडोर का फायदा सिर्फ दिल्ली के लोगों तक सीमित नहीं रहने वाला है। नोएडा से दक्षिणी दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह कनेक्टिविटी उपयोगी हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना नौकरी, कारोबार, शिक्षा या दूसरे जरूरी कामों के लिए दिल्ली और नोएडा के बीच यात्रा करते हैं।
बारापुला कॉरिडोर के शुरू होने से सराय काले खां क्षेत्र की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है। यह इलाका पहले से ही दिल्ली के महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट हब में शामिल है। यहां बस, रेल और सड़क परिवहन का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में आसपास के इलाकों से आने वाले ट्रैफिक को बेहतर तरीके से संचालित करने में नई कनेक्टिविटी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि किसी भी नए कॉरिडोर के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसके शुरू होने के बाद यातायात के आंकड़ों से ही किया जा सकेगा। यह देखना होगा कि कितने वाहन इस नए मार्ग का इस्तेमाल करते हैं और आसपास के प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक के दबाव में कितना बदलाव आता है। इसके साथ ही कॉरिडोर पर यातायात व्यवस्था, प्रवेश और निकास बिंदुओं तथा आसपास की सड़कों पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल दिल्ली के लोगों के लिए सबसे बड़ी बात यह है कि लंबे समय से चर्चा में रहा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब चालू हो गया है। मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक कनेक्टिविटी मजबूत होने के बाद पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर का एक नया विकल्प उपलब्ध हो गया है।
अब आने वाले दिनों में इस कॉरिडोर का असर दिल्ली और नोएडा के रोजाना ट्रैफिक पर कितना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी। अगर नए रूट पर पर्याप्त ट्रैफिक शिफ्ट होता है, तो आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल बारापुला फेज-3 के उद्घाटन के साथ दिल्ली के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ गई है।


