अयोध्या के राम मंदिर को लेकर दान राशि पर उठे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब दिया है। ट्रस्ट ने स्पष्ट कहा है कि मंदिर में आने वाले दान और वित्तीय लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है और सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी हैं।
दरअसल, अखिलेश यादव ने राम मंदिर के दान में करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की अपील भी की थी।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा कि ट्रस्ट का हर निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता है और उसे लिखित रूप में दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी वित्तीय लेन-देन का विधिवत हिसाब रखा जाता है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित होती है।
महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े सभी कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में आपसी सद्भाव और विश्वास का माहौल है तथा किसी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है। उनके अनुसार ट्रस्ट कभी ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचे।
वहीं ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रस्ट समय-समय पर आंतरिक लेखापरीक्षा यानी इंटरनल ऑडिट कराता है। उन्होंने बताया कि ऑडिट की प्रक्रिया ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से नियमित रूप से की जाती है।
चंपत राय के अनुसार वर्तमान समय में भी ऑडिट प्रक्रिया जारी है और अब तक किसी भी प्रकार की उल्लेखनीय अनियमितता सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था व्यवस्थित और जवाबदेह तरीके से संचालित की जा रही है।
दूसरी ओर, अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से दान राशि को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि दान में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की।
राम मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दान राशि को लेकर उठे सवाल और ट्रस्ट की ओर से दिया गया जवाब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे इस मुद्दे पर क्या नया घटनाक्रम सामने आता है और क्या इस मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक जांच की मांग आगे बढ़ती है या नहीं।


