देश की डाक सेवा इंडिया पोस्ट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पहली बार विभाग का तिमाही कारोबार 4,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इस शानदार प्रदर्शन पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने इसे इंडिया पोस्ट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तिमाही व्यवसाय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभाग के प्रदर्शन की समीक्षा की। इस बैठक में डाक निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ देश के सभी 23 पोस्टल सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल भी शामिल हुए। बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों पर चर्चा की गई और आने वाले महीनों की रणनीति तैयार की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि इंडिया पोस्ट ने पहली तिमाही में 4,008.95 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 22.2 प्रतिशत अधिक है। पहली बार किसी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में विभाग का कारोबार 4,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचा है, जिसे विभाग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इंडिया पोस्ट को आधुनिक, तकनीक-संचालित और नागरिक-केंद्रित संस्था बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशभर में कार्यरत डाक कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और बेहतर सेवा भावना का प्रमाण है।
बैठक के दौरान विभाग के विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार, पार्सल सेवाओं में 49.9 प्रतिशत, मेल सेवाओं में 41.9 प्रतिशत, अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 34.3 प्रतिशत और नागरिक-केंद्रित सेवाओं में 85.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और ग्रामीण डाक जीवन बीमा में 20.1 प्रतिशत तथा पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के कारोबार में 9.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सिंधिया ने कहा कि यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इंडिया पोस्ट अब केवल पारंपरिक डाक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं, बीमा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
आने वाले समय के लिए केंद्रीय मंत्री ने विभाग की तीन प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकताओं की भी घोषणा की। इनमें लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करना, एमएसएमई, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), पर्यटन और कृषि क्षेत्र से जुड़े नए अवसरों का विस्तार करना, तथा नागरिक-केंद्रित सेवाओं, वित्तीय समावेशन, बीमा और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स को और सशक्त बनाना शामिल है।
बेहतर कार्यान्वयन के लिए देश के 23 पोस्टल सर्किलों को तीन अलग-अलग क्लस्टरों में विभाजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहन देना और सफल मॉडलों को पूरे देश में लागू करना है।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “डाक सेवा, जन सेवा” का मूल मंत्र आगे भी इंडिया पोस्ट के हर प्रयास का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि स्पष्ट रणनीति, आधुनिक तकनीक और कर्मचारियों के समर्पण के बल पर इंडिया पोस्ट आने वाले वर्षों में भी नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा।
इंडिया पोस्ट की यह उपलब्धि केवल वित्तीय सफलता नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के भरोसे और बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित होती डाक सेवा की नई पहचान भी मानी जा रही है।


