अमेरिका के यूजीन में आयोजित विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप के पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पुरुषों की भालाफेंक (जेवलिन थ्रो) स्पर्धा में आशीष यादव और टी. धरणीधरन ने फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया, जबकि महिलाओं की चक्काफेंक स्पर्धा में अमानत कम्बोज ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की एथलेटिक्स प्रतिभा को एक बार फिर साबित किया है।
पुरुषों की भालाफेंक स्पर्धा में आशीष यादव ने क्वालीफिकेशन राउंड में 69.87 मीटर का शानदार थ्रो फेंका। ग्रुप-ए में वह शीर्ष पर रहे और ओवरऑल स्टैंडिंग में दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे। उनके आत्मविश्वास और तकनीक ने भारतीय टीम को फाइनल में पदक की उम्मीदें दी हैं। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के जान हेंड्रिक हेमैंस ने 76.02 मीटर का थ्रो कर क्वालीफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया।
भारत के दूसरे खिलाड़ी टी. धरणीधरन ने 68.07 मीटर का थ्रो किया। वह कुल 12वें स्थान पर रहे, लेकिन यह प्रदर्शन उन्हें फाइनल में पहुंचाने के लिए पर्याप्त रहा। धरणीधरन ने दबाव के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया और अब फाइनल में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह स्पर्धा इसलिए भी खास है क्योंकि पुरुषों की अंडर-20 भालाफेंक स्पर्धा का विश्व रिकॉर्ड भारत के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा के नाम दर्ज है। नीरज ने वर्ष 2016 में पोलैंड में आयोजित विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में 86.48 मीटर का थ्रो फेंककर यह रिकॉर्ड बनाया था। युवा भारतीय खिलाड़ी उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
महिलाओं की चक्काफेंक स्पर्धा में अमानत कम्बोज ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप-ए में 52.58 मीटर का थ्रो फेंकते हुए अपने ग्रुप में छठा स्थान हासिल किया। ओवरऑल रैंकिंग में वह 12वें स्थान पर रहीं और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहीं। अब फाइनल में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
इस स्पर्धा में चीन की सू यिशिन ने 58.06 मीटर का थ्रो कर क्वालीफिकेशन में पहला स्थान हासिल किया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी अमानत कम्बोज ने मजबूत चुनौती पेश करते हुए फाइनल में जगह बनाई, जो भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ट्रैक स्पर्धाओं में भी भारत को मिली-जुली सफलता मिली। पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम ने शानदार दौड़ लगाते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने अपनी हीट में 1 मिनट 52.81 सेकंड का समय निकाला और अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया। वहीं भारत के दूसरे धावक उविन आनंद अपनी हीट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
हालांकि मिश्रित 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भारतीय टीम अपनी हीट में चौथे स्थान पर रही और पहले दौर से ही बाहर हो गई। इससे भारत को इस स्पर्धा में पदक की उम्मीदों को झटका लगा, लेकिन व्यक्तिगत स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला रहा।
विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप को भविष्य के स्टार खिलाड़ियों का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। भारत के युवा एथलीट लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षों में देश को विश्व स्तर पर और अधिक सफलता मिलने की उम्मीद बढ़ी है। अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबलों पर होंगी, जहां भारतीय खिलाड़ी पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने की कोशिश करेंगे।


