श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। कोलंबो में खेले जा रहे तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में पडिक्कल ने श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ शतक जड़कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस पारी को खास तौर पर नंबर 3 की जगह के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नंबर 3 पर उतरकर जमाया रंग
भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। यशस्वी जायसवाल पारी की दूसरी ही गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद देवदत्त पडिक्कल नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे और उन्होंने बेहद संयम के साथ पारी को संभाला।
पडिक्कल ने 121 गेंदों पर 103 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। उन्होंने तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भी अच्छे शॉट लगाए और परिस्थितियों के मुताबिक बल्लेबाजी की।
राहुल और जडेजा के साथ संभाली पारी
पडिक्कल को शुरुआती दौर में केएल राहुल का अच्छा साथ मिला। राहुल ने 67 गेंदों पर 40 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर भारत को शुरुआती झटके से उबारने की कोशिश की।
इसके बाद पडिक्कल ने रवींद्र जडेजा के साथ भी पारी को आगे बढ़ाया। लगातार रन बनाने के साथ उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। 40वें ओवर में रमेश मेंडिस की गेंद पर चौका लगाकर पडिक्कल ने अपना शतक पूरा किया।
शतक पूरा करने के बाद पडिक्कल रिटायर्ड आउट हुए। उनकी इस पारी ने टेस्ट टीम में नंबर 3 के लिए उनकी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है।
साई सुदर्शन की स्थिति से बढ़ी उम्मीद
पडिक्कल के लिए यह शतक इसलिए भी अहम है क्योंकि बी साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। पैर की चोट के कारण टेस्ट सीरीज में उनका खेलना फिटनेस पर निर्भर बताया गया है।
ऐसे में अगर साई सुदर्शन पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होते हैं, तो नंबर 3 की जिम्मेदारी के लिए देवदत्त पडिक्कल के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।
भारत के लिए पहले खेल चुके हैं टेस्ट
देवदत्त पडिक्कल के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव भी है। वह भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं। उन्होंने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट से अपना डेब्यू किया था और पहली ही टेस्ट पारी में 65 रन बनाए थे।
इसके बाद उन्होंने 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी टेस्ट मैच खेला। दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में पडिक्कल ने कुल 90 रन बनाए हैं।
घरेलू क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड
पडिक्कल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड भी उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने 60.33 की औसत से 543 रन बनाए। इस दौरान उत्तराखंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 232 रन बनाया।
विजय हजारे ट्रॉफी में भी पडिक्कल का बल्ला जमकर चला। उन्होंने 90.62 की शानदार औसत से 725 रन बनाए। वहीं सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने 167.02 के स्ट्राइक रेट से 309 रन बनाए।
श्रीलंका में भी दिखा चुके हैं दम
पडिक्कल ने इसी साल श्रीलंका में इंडिया A की ओर से भी शानदार प्रदर्शन किया था। गाले में श्रीलंका A के खिलाफ अनौपचारिक टेस्ट मैचों में उन्होंने तीन पारियों के दौरान दो अर्धशतक लगाए थे।
अब श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ शतक ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पडिक्कल इस दौरे की परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं।
क्या मिलेगा नंबर 3 का टिकट?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस शानदार पारी के बाद देवदत्त पडिक्कल को भारत की टेस्ट प्लेइंग इलेवन में नंबर 3 पर खेलने का मौका मिलेगा।
अगर साई सुदर्शन फिट होकर उपलब्ध रहते हैं तो चयनकर्ताओं के सामने विकल्प मौजूद रहेगा, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अगर कोई समस्या बनी रहती है, तो पडिक्कल का यह शतक उनके पक्ष में सबसे बड़ा दावा बन सकता है।
फिलहाल इतना जरूर है कि श्रीलंका में जमाया गया यह शतक पडिक्कल के लिए बेहद सही समय पर आया है। अब नजरें टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के अंतिम संयोजन पर होंगी।


