Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Bihar: Prashant Kishor की ‘रोजगार क्रांति’, Bankipur के 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का वादा, मांगा CV

बिहार की राजनीति में सक्रिय जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के युवाओं को लेकर बड़ा रोजगार वादा किया है। उन्होंने कहा है कि वह अगले एक से दो साल में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने में मदद करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए उन्होंने क्षेत्र के परिवारों से पढ़े-लिखे लेकिन बेरोजगार युवाओं के CV और बायोडाटा अपने कार्यालय में जमा करने की अपील की है। प्रशांत किशोर के मुताबिक, उनके संपर्कों और नेटवर्क के जरिए युवाओं को निजी कंपनियों में रोजगार के अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशांत किशोर ने यह घोषणा बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान की। उन्होंने क्षेत्र में पहुंचकर मतदाताओं से मुलाकात की और चुनाव में समर्थन देने के लिए लोगों का आभार जताया। इसी दौरान उन्होंने युवाओं के रोजगार और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी योजनाओं की जानकारी दी।

रोजगार को लेकर किए गए इस वादे में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशांत किशोर ने सरकारी नौकरी की गारंटी नहीं दी है। उनका कहना है कि युवाओं को मुख्य रूप से निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। यानी 10 हजार युवाओं को सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाने के बजाय उन्हें निजी कंपनियों और रोजगार के दूसरे अवसरों से जोड़ने की योजना है।

उन्होंने बेरोजगार युवाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और अनुभव से जुड़ी जानकारी के साथ CV उनके कार्यालय में जमा करें। इसके बाद उम्मीदवारों की योग्यता के आधार पर उनके लिए संभावित रोजगार के अवसर तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

बांकीपुर में शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की ओर से सीधे CV मांगने और रोजगार उपलब्ध कराने का वादा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस पहल के जरिए उनका लक्ष्य युवाओं को केवल सरकारी नौकरी की तैयारी तक सीमित रखने के बजाय निजी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना बताया जा रहा है।

हालांकि, इस योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसके क्रियान्वयन की है। एक से दो साल में 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाना आसान लक्ष्य नहीं है। इसके लिए बड़ी संख्या में कंपनियों के साथ संपर्क, युवाओं की योग्यता का आकलन, इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया में मदद जैसी कई व्यवस्थाओं की जरूरत होगी।

यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि CV जमा करने वाले कितने युवाओं को वास्तव में नौकरी मिलती है। निजी कंपनियों में भर्ती उम्मीदवार की योग्यता, कंपनी की जरूरत और उपलब्ध पदों के आधार पर होती है। इसलिए CV जमा करना नौकरी मिलने की गारंटी नहीं माना जा सकता। प्रशांत किशोर की घोषणा का वास्तविक असर इस बात से तय होगा कि आने वाले समय में कितने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

प्रशांत किशोर का यह मॉडल सरकारी भर्ती से अलग है। सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा और निर्धारित चयन प्रक्रिया होती है, जबकि निजी क्षेत्र में कंपनियां अपने मानकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन करती हैं। ऐसे में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए केवल CV जुटाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सही कंपनियों और सही पदों तक पहुंचाना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।

इस पहल का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है। रोजगार बिहार की राजनीति में लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में अगर प्रशांत किशोर का 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का लक्ष्य पूरा होता है तो यह उनके राजनीतिक मॉडल के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। दूसरी ओर, लक्ष्य पूरा नहीं होने पर विपक्षी दल इस वादे पर सवाल भी उठा सकते हैं।

फिलहाल प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के शिक्षित बेरोजगार युवाओं से अपना CV जमा करने की अपील की है और अगले एक-दो वर्षों में 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने की कोशिश का वादा किया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह योजना किस तरह आगे बढ़ती है और कितने युवाओं को वास्तव में नौकरी का अवसर मिल पाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles