भारतीय टेबल टेनिस महासंघ यानी TTFI के निलंबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के कानपुर में यूटीटी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है। रविवार से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में देशभर से 1900 से अधिक महिला और पुरुष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। आठ दिनों तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में अलग-अलग आयु और वर्गों की कुल 12 श्रेणियों में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। महासंघ से जुड़े विवाद के बावजूद प्रतियोगिता अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू होने जा रही है।
खेल मंत्रालय ने बुधवार को भारतीय टेबल टेनिस महासंघ को निलंबित कर दिया था। मंत्रालय के इस फैसले के बाद भारतीय टेबल टेनिस से जुड़े प्रशासनिक मामलों को लेकर नई बहस शुरू हो गई। निलंबन के कारणों में समय पर चुनाव नहीं करा पाना भी शामिल बताया गया है। दूसरी तरफ TTFI ने अपने पक्ष में ओलंपिक चार्टर के तहत खेल संगठनों की स्वायत्तता का मुद्दा उठाया है। महासंघ ने खेल मंत्रालय से निलंबन के आदेश को फिलहाल स्थगित रखने और पूरे मामले पर नए सिरे से विचार करने का आग्रह किया है।
इस प्रशासनिक विवाद के बीच खिलाड़ियों का ध्यान अब कानपुर में होने वाली राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता पर केंद्रित है। आयोजकों के सामने इतने बड़े स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। 1900 से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी के कारण मुकाबलों की संख्या भी काफी अधिक रहने वाली है। आठ दिवसीय प्रतियोगिता में ग्रुप स्तर से लेकर नॉकआउट चरण तक करीब 4,200 मुकाबले खेले जाने की संभावना है। ऐसे में कानपुर अगले कई दिनों तक देश के टेबल टेनिस खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा।
प्रतियोगिता में कुल 12 श्रेणियों के तहत मुकाबले होंगे। खास बात यह है कि देश के अधिकांश शीर्ष पुरुष और महिला खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेने वाले हैं। हालांकि प्रमुख खिलाड़ी हरमीत देसाई इस प्रतियोगिता में शामिल नहीं होंगे। उनके अलावा कई जाने-माने खिलाड़ियों की मौजूदगी से मुकाबलों का स्तर काफी ऊंचा रहने की उम्मीद है। राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिता होने के कारण खिलाड़ियों के लिए यहां अच्छा प्रदर्शन करना विशेष महत्व रखता है।
इस तरह की राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। उन्हें देश के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने और अपने प्रदर्शन को परखने का अवसर मिलता है। ग्रुप मुकाबलों से शुरुआत होने के बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी नॉकआउट दौर में पहुंचेंगे, जहां खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा और अधिक चुनौतीपूर्ण होती जाएगी। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण कई उभरते हुए नाम भी इस प्रतियोगिता से सामने आ सकते हैं।
दूसरी ओर TTFI के निलंबन का मामला प्रतियोगिता के साथ-साथ चर्चा में बना हुआ है। महासंघ ने मंत्रालय के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए अपनी स्वायत्तता पर जोर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खेल मंत्रालय और महासंघ के बीच चल रहा यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल इसका असर कानपुर में होने वाली प्रतियोगिता के आयोजन पर नहीं पड़ा है और चैंपियनशिप निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक शुरू होने की तैयारी में है।
कानपुर में एक साथ 1900 से अधिक खिलाड़ियों का पहुंचना शहर के खेल जगत के लिए भी एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। लगभग 4,200 मुकाबलों के आयोजन के लिए कोर्ट, समय-सारिणी, खिलाड़ियों की सुविधाओं और मैच संचालन के स्तर पर व्यापक तैयारियों की जरूरत होगी। प्रतियोगिता आठ दिनों तक चलेगी और अलग-अलग श्रेणियों के विजेताओं के साथ राष्ट्रीय स्तर पर कई खिलाड़ियों की रैंकिंग पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल भारतीय टेबल टेनिस में एक तरफ प्रशासनिक विवाद चल रहा है तो दूसरी तरफ खिलाड़ी कोर्ट पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। TTFI के निलंबन से पैदा हुई परिस्थितियों के बावजूद कानपुर में राष्ट्रीय रैंकिंग चैंपियनशिप का आयोजन होना खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रतियोगिता में कौन से खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हैं और महासंघ तथा खेल मंत्रालय के बीच जारी विवाद का आगे क्या समाधान निकलता है।


