गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही घर-घर में बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार से गणेश चतुर्थी के 10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत होगी। गणपति बप्पा को भोग में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले व्यंजनों में मोदक का नाम सबसे पहले आता है। लेकिन अगर आप मोदक में अलग से चीनी नहीं डालना चाहते हैं, तो इस बार घर पर कई तरह के ऐसे मोदक बना सकते हैं, जिनमें खजूर और अंजीर जैसी चीजों की प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल किया जाएगा।
सबसे पहले आप बना सकते हैं खजूर-ड्राई फ्रूट्स मोदक। इसके लिए खजूर को अच्छी तरह पीसकर पेस्ट बना लें। इसमें बारीक कटे हुए बादाम, काजू और अखरोट मिला दें। पूरे मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर मोदक के सांचे में भरें और दबाकर बाहर निकाल लें। बिना अतिरिक्त चीनी के तैयार यह मोदक स्वादिष्ट होने के साथ ड्राई फ्रूट्स का अच्छा स्वाद भी देगा।
दूसरा है नारियल-खजूर मोदक। इसके लिए खजूर को पीसकर उसमें बारीक किया हुआ नारियल और ड्राई फ्रूट्स मिला सकते हैं। मिश्रण को अच्छी तरह गूंथकर मोदक का आकार दें। नारियल और खजूर का कॉम्बिनेशन मोदक को शानदार स्वाद देता है और इसे बनाने के लिए अलग से चीनी की जरूरत नहीं पड़ती।
तीसरा विकल्प है तिल-ड्राई फ्रूट्स मोदक। तिल को हल्का भूनकर पीस लें और इसमें काजू और बादाम का पाउडर मिला दें। अब बाइंडिंग के लिए खजूर का पेस्ट डालकर मिश्रण तैयार करें। इसे मोदक के सांचे में भरकर आकार दे दें। तिल का स्वाद इसे बाकी मोदकों से बिल्कुल अलग बनाता है।
चौथा है मखाना मोदक। सबसे पहले मखानों को हल्का भूनकर पीस लें। इसमें ड्राई फ्रूट्स का पाउडर और खजूर का पेस्ट मिला दें। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद मोदक के सांचे में दबाएं। कुछ ही समय में स्वादिष्ट मखाना मोदक तैयार हो जाएगा।
पांचवें नंबर पर है बादाम मोदक। बादाम को पीसकर उसमें थोड़ा दूध डालते हुए नरम मिश्रण तैयार करें। अब इसमें चीनी की जगह खजूर का पेस्ट मिलाएं। मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं और जब यह अच्छी तरह तैयार हो जाए तो इसे थोड़ा ठंडा करके मोदक के सांचे में भर दें।
छठा विकल्प है काजू मोदक। अगर आपको काजू कतली पसंद है तो यह मोदक आपको जरूर पसंद आएगा। काजू को पीसकर पाउडर बना लें और इसमें थोड़ा दूध मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इसमें मिठास के लिए खजूर का पेस्ट डालें। मिश्रण तैयार होने के बाद इसे मोदक के सांचे में भरकर खूबसूरत आकार दें।
सातवां है कोकोनट-ड्राई फ्रूट्स मोदक। नारियल और ड्राई फ्रूट्स को हल्का भूनकर पाउडर बना लें। अब इसमें खजूर का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें। तैयार मिश्रण को सांचे में डालकर मोदक बना लें। यह मोदक नारियल और ड्राई फ्रूट्स के स्वाद का शानदार कॉम्बिनेशन देगा।
आठवां विकल्प है कोको मोदक। अगर आपको चॉकलेट का स्वाद पसंद है तो आप बिना चीनी वाले कोको पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। मखाने और ड्राई फ्रूट्स के पाउडर में कोको पाउडर और खजूर का पेस्ट मिलाएं। मिश्रण तैयार करके मोदक के सांचे में भर दें। इस तरह पारंपरिक मोदक में थोड़ा मॉडर्न ट्विस्ट भी आ जाएगा।
नौवें नंबर पर है पीनट मोदक। इसके लिए भुनी हुई मूंगफली को पीसकर पाउडर बना लें। इसमें खजूर का पेस्ट मिलाकर अच्छी तरह गूंथें। अब इसे मोदक के सांचे में दबाकर आकार दे दें। मूंगफली और खजूर से बना यह मोदक बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है।
दसवां विकल्प है अंजीर-ड्राई फ्रूट्स मोदक। सूखे अंजीर को थोड़ी देर पानी में भिगोकर पीस लें। इसमें बारीक कटे हुए बादाम और काजू मिला दें। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर मोदक का आकार दें। अंजीर की प्राकृतिक मिठास और ड्राई फ्रूट्स का स्वाद इसे खास बना देता है।
हालांकि इन सभी रेसिपी में अलग से चीनी का इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन इन्हें पूरी तरह शुगर फ्री नहीं कहा जा सकता। खजूर और अंजीर में प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है। इसलिए अगर आप किसी विशेष कारण से चीनी या शुगर का सेवन सीमित करते हैं, तो सामग्री की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। साथ ही बप्पा के भोग के लिए मोदक बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
तो इस गणेश चतुर्थी आप सिर्फ एक तरह के मोदक के बजाय 10 दिनों के लिए 10 अलग-अलग फ्लेवर ट्राई कर सकते हैं। खजूर से लेकर मखाना, तिल, मूंगफली, काजू, बादाम और अंजीर तक, हर दिन बप्पा को अलग स्वाद का भोग लगाया जा सकता है। इससे भोग में विविधता भी आएगी और घरवालों को भी हर दिन नया स्वाद चखने का मौका मिलेगा।


