Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेताओं को बड़ा फायदा! 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मिलेगी सीधी एंट्री

भारतीय मुक्केबाजी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 2026 एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाजों को 2027 की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सीधे प्रवेश मिलेगा। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी बीएफआई ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए चयन नीति घोषित की है। इस नीति के तहत एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। लेकिन ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता आखिर किस तरह तय होगा?

बीएफआई की घोषित नीति का उद्देश्य 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अधिक से अधिक भारतीय मुक्केबाजों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके लिए चयन और क्वालिफिकेशन की प्रक्रिया को चार चरणों में बांटा गया है। यह व्यवस्था वर्ल्ड बॉक्सिंग द्वारा विकसित और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति यानी आईओसी द्वारा मंजूर किए गए क्वालिफिकेशन सिस्टम पर आधारित बताई गई है।

योजना का सबसे अहम पहलू 2026 एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मिलने वाला सीधा प्रवेश है। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सीधे एंट्री मिलेगी। इससे खिलाड़ियों को अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की तैयारी करने और ओलंपिक क्वालिफिकेशन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

2027 की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पहला क्वालिफाइंग इवेंट होगी। यहां प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजों के ओलंपिक अभियान के लिए अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि, एशियाई खेलों में पदक जीतने से सीधे ओलंपिक में जगह मिलने की पुष्टि नहीं होती। खिलाड़ियों को निर्धारित क्वालिफिकेशन नियमों और आगे की प्रतियोगिताओं की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

बीएफआई की चयन नीति में इसके बाद एशियाई क्वालिफाइंग टूर्नामेंट और दो विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट भी शामिल हैं। यानी ओलंपिक में जगह बनाने के लिए खिलाड़ियों के पास अलग-अलग चरणों में मुकाबला करने के अवसर होंगे। इन प्रतियोगिताओं के जरिए भारतीय मुक्केबाज ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेंगे।

इस नीति से भारतीय मुक्केबाजी में खिलाड़ियों की तैयारी और चयन प्रक्रिया को लेकर एक स्पष्ट ढांचा सामने आया है। एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को वर्ल्ड चैंपियनशिप में सीधा प्रवेश मिलने से उनके लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता तक पहुंचने का रास्ता तय होगा। वहीं, अन्य मुक्केबाजों के लिए भी क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के माध्यम से ओलंपिक तक पहुंचने के अवसर मौजूद रहेंगे।

अब भारतीय मुक्केबाजों की नजर 2026 एशियाई खेलों पर रहेगी। वहां पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सीधे प्रवेश का लाभ मिलेगा। इसके बाद क्वालिफिकेशन के अगले चरणों में प्रदर्शन ओलंपिक की राह तय करने में महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल, बीएफआई की नई चयन नीति ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भारतीय मुक्केबाजों की तैयारी का खाका सामने रख दिया है। अब देखना होगा कि भारतीय खिलाड़ी एशियाई खेलों और आगामी क्वालिफाइंग प्रतियोगिताओं में कैसा प्रदर्शन करते हैं और कितने मुक्केबाज ओलंपिक में जगह बनाने में सफल होते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles