Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

CBFC का पुनर्गठन: प्रीति ज़िंटा, सुनील शेट्टी और पंकज त्रिपाठी समेत 18 सदस्य शामिल

बॉलीवुड और फिल्म जगत से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सीबीएफसी का पुनर्गठन कर दिया है। नए बोर्ड में प्रीति ज़िंटा, सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी और रूपाली गांगुली समेत 18 सदस्यों को शामिल किया गया है। फिल्म निर्माता प्रियदर्शन और ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज का नाम भी इस सूची में है। आखिर कौन-कौन सी हस्तियां इस नए बोर्ड का हिस्सा बनी हैं और फिल्मों के प्रमाणन में इसकी क्या भूमिका होती है?

केंद्र सरकार ने पुनर्गठन को तत्काल प्रभाव से लागू किया है। नए पैनल में मनोरंजन और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और अन्य हस्तियों को जगह दी गई है। सीबीएफसी का काम सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के तहत फिल्मों को प्रमाणपत्र देना है। यह प्रमाणपत्र तय करता है कि फिल्म किस श्रेणी के दर्शकों के लिए उपयुक्त है।

नए बोर्ड में शामिल प्रमुख नामों में अभिनेत्री प्रीति ज़िंटा, अभिनेता सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, रूपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और प्रोसेनजीत चटर्जी शामिल हैं। इनके अलावा फिल्म निर्माता प्रियदर्शन, संगीतकार रिकी केज और गायक हंसराज हंस को भी सदस्य बनाया गया है।

पुनर्गठित बोर्ड के सभी 18 सदस्यों में विनोद अनुपम, मनोज जोशी, अभिषेक जैन, रिकी केज, प्रियदर्शन, सुनील शेट्टी, हंसराज हंस, सुप्रिया यारलागड्डा, यतीन्द्र मिश्र, रूपाली गांगुली, प्रीति ज़िंटा, नीला माधब पांडा, पंकज त्रिपाठी, प्रोसेनजीत चटर्जी, पल्लवी जोशी, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतंगे के नाम शामिल हैं।

अब बात करते हैं कि सीबीएफसी फिल्मों को किस तरह के प्रमाणपत्र देता है। यू श्रेणी उन फिल्मों के लिए होती है, जिन्हें सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए बिना आयु प्रतिबंध के प्रमाणित किया जाता है। यूए श्रेणी में उम्र के अनुसार सावधानी की सलाह दी जाती है। ए प्रमाणपत्र वयस्क दर्शकों के लिए होता है, जबकि एस श्रेणी विशेष प्रकार के दर्शकों के लिए निर्धारित की जाती है।

साल 2024 के प्रमाणन नियमों के तहत यूए श्रेणी में उम्र के आधार पर उपश्रेणियां भी शामिल की गईं। इनमें यूए 7+, यूए 13+ और यूए 16+ जैसी श्रेणियां हैं। इनका उद्देश्य दर्शकों और अभिभावकों को फिल्म की सामग्री के अनुरूप उम्र संबंधी मार्गदर्शन देना है।

फिल्मों के प्रमाणन की प्रक्रिया में जांच समिति यानी एग्जामिनिंग कमिटी की भूमिका होती है। इसके अलावा पुनरीक्षण समिति यानी रिवाइजिंग कमिटी भी फिल्म की समीक्षा कर सकती है, जब निर्माता या बोर्ड जांच समिति के फैसले से संतुष्ट न हों।

सीबीएफसी की 29 अगस्त को हुई बैठक में पुनरीक्षण समितियों के गठन का मुद्दा भी उठा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छह साल में यह बोर्ड की पहली बैठक थी। बैठक में सदस्यों ने उन लोगों के बारे में जानकारी मांगी, जो हाल के वर्षों में लगातार ऐसी समितियों के प्रमुख रहे हैं।

फिलहाल, केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद सीबीएफसी में 18 नए सदस्य शामिल हो गए हैं। नए बोर्ड की जिम्मेदारी फिल्मों के प्रमाणन से जुड़े कार्यों में बनी रहेगी। आने वाले समय में बोर्ड की बैठकों और प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles