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दिमाग में लगी Neuralink चिप से शख्स ने पार्टनर से कहा ‘I Love You’! एलन मस्क ने शेयर किया वीडियो

सोचिए, अगर कोई इंसान बोल नहीं सकता, लेकिन अपने मन की बात कंप्यूटर के जरिए आवाज में कह सके, तो यह उसके लिए कितना खास पल होगा। एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। इसमें एक ऐसा शख्स दिखाई दे रहा है, जो बोलने में असमर्थ होने के बावजूद अपने पार्टनर तक प्यार का संदेश पहुंचाता नजर आता है। वीडियो में कंप्यूटर से आवाज आती है और उसमें सुनाई देता है, ‘आई लव यू।’ इस वीडियो को एलन मस्क ने भी शेयर किया है।

न्यूरालिंक लंबे समय से ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस यानी दिमाग और कंप्यूटर के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने वाली तकनीक पर काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य ऐसी चिप विकसित करना है, जो दिमाग के संकेतों को समझकर कंप्यूटर या दूसरे डिजिटल उपकरणों को नियंत्रित करने में मदद कर सके। फिलहाल इस तकनीक का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है। इसका इस्तेमाल खास तौर पर उन लोगों की सहायता के लिए विकसित किया जा रहा है, जिन्हें शारीरिक सीमाओं के कारण कंप्यूटर या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है।

सामने आए वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति अपने पार्टनर से संवाद करता नजर आता है। हालांकि, वह सामान्य तरीके से बोलता हुआ दिखाई नहीं देता। इसके बजाय कंप्यूटर की आवाज के जरिए उसके संदेश को व्यक्त किया जाता है। इस तरह की तकनीक उन लोगों के लिए संवाद का एक नया माध्यम बन सकती है, जो बोलने में असमर्थ हैं या जिनके लिए सामान्य बातचीत करना मुश्किल है।

ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक का मूल उद्देश्य दिमाग में उत्पन्न होने वाले संकेतों को रिकॉर्ड करना और उन्हें डिजिटल कमांड में बदलना है। न्यूरालिंक की चिप दिमाग के संकेतों को पढ़ने के लिए विकसित की गई है। इस तरह के सिस्टम की मदद से उपयोगकर्ता कंप्यूटर पर कर्सर चलाने या अन्य डिजिटल कार्य करने में सक्षम हो सकते हैं। आवाज के जरिए संवाद करने की क्षमता विकसित करना इस तकनीक के संभावित उपयोगों में शामिल है।

वीडियो में सुनाई देने वाला ‘आई लव यू’ का संदेश इसलिए भी ध्यान खींचता है, क्योंकि यह तकनीक के मानवीय पहलू को सामने लाता है। किसी व्यक्ति के लिए अपने प्रियजनों से बातचीत करना केवल जानकारी साझा करना नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का भी माध्यम होता है। ऐसे में यदि कोई तकनीक संवाद करने में कठिनाई का सामना कर रहे व्यक्ति को अपनी बात कहने में मदद करती है, तो इसका महत्व रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि, इस वीडियो के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि न्यूरालिंक की तकनीक अब हर व्यक्ति के विचारों को सीधे आवाज में बदल सकती है। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस का इस्तेमाल करने के लिए विशेष उपकरण, प्रशिक्षण और चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत हो सकती है। इसके अलावा, क्लिनिकल ट्रायल के दौरान तकनीक की सुरक्षा, प्रभावशीलता और व्यावहारिक उपयोग का मूल्यांकन किया जाता है। किसी एक वीडियो से इसके व्यापक इस्तेमाल या सभी मरीजों के लिए समान परिणाम की पुष्टि नहीं होती।

न्यूरालिंक की यह तकनीक चिकित्सा और सहायक उपकरणों के क्षेत्र में नए रास्ते खोलने की संभावना रखती है। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें बोलने या अपने शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करने में कठिनाई होती है। लेकिन इसके साथ सुरक्षा, गोपनीयता, दीर्घकालिक प्रभाव और तकनीक की उपलब्धता जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

फिलहाल एलन मस्क द्वारा साझा किया गया यह वीडियो ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक की संभावनाओं को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। आने वाले समय में क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे बताएंगे कि न्यूरालिंक इस तकनीक को किस हद तक सुरक्षित और उपयोगी बना पाती है।

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