जापान के नागोया में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में टेकबॉल के मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में भारतीय जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा है। क्वार्टर फाइनल में भारत के क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा और मोहम्मद अनस इमरान बेग को वियतनाम के खिलाड़ियों ने सीधे सेटों में मात दे दी। इस हार के साथ ही भारतीय जोड़ी के गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने की उम्मीदों को झटका लगा है। हालांकि, प्रतियोगिता में भारत का सफर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और खिलाड़ियों के पास रेपेशाज राउंड के जरिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका बाकी है।
18 सितंबर को खेले गए इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना वियतनाम के जियान न्घी ट्रिन्ह और होआंग मिन्ह टैन गुयेन से हुआ। दोनों टीमों के बीच मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने जीत हासिल करने की कोशिश की, लेकिन वियतनाम की जोड़ी ने अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत को इस मैच में 7-12 और 10-12 से हार का सामना करना पड़ा। दोनों सेटों के नतीजे बताते हैं कि भारतीय खिलाड़ियों को विरोधी जोड़ी के खिलाफ अंक जुटाने में चुनौती का सामना करना पड़ा।
पहले सेट में भारतीय जोड़ी अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती नजर आई। वियतनाम के खिलाड़ियों ने शुरुआती अंकों से ही मुकाबले पर पकड़ बनाने की कोशिश की और भारतीय जोड़ी को दबाव में रखा। पहले सेट में 7-12 से मिली हार के बाद भारत के सामने दूसरे सेट में वापसी करने की चुनौती थी। भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे सेट में अपने प्रदर्शन में सुधार किया और मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की कोशिश की, लेकिन वियतनाम की जोड़ी ने 12-10 से सेट जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
इस हार का सीधा असर भारत की मिक्स्ड डबल्स में पदक की संभावनाओं पर पड़ा है। क्वार्टर फाइनल में हार के बाद क्विंसी डिसूज़ा और अनस बेग अब गोल्ड और सिल्वर मेडल की दौड़ से बाहर हो गए हैं। हालांकि, रेपेशाज राउंड में पहुंचने के कारण उनके सामने ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने का रास्ता अभी खुला हुआ है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के लिए अगला मुकाबला काफी अहम रहने वाला है। उन्हें इस दौर में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाते हुए पदक की उम्मीदों को बनाए रखने की कोशिश करनी होगी।
टेकबॉल में रेपेशाज राउंड उन खिलाड़ियों या जोड़ियों को पदक की दौड़ में बने रहने का अवसर देता है, जो मुख्य नॉकआउट मुकाबलों में हार का सामना करते हैं। भारतीय जोड़ी के लिए यह एक और मौका होगा, जहां वे अपनी पिछली हार से सीख लेकर आगे बढ़ सकती है। हालांकि, ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंचने के लिए उन्हें आगामी मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। अगले राउंड में उनका सामना किससे होगा और मुकाबला कब खेला जाएगा, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
वहीं, क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा के लिए एशियाई खेलों में एक और महत्वपूर्ण मुकाबला बाकी है। वह महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में भी हिस्सा लेंगी। मिक्स्ड डबल्स में हार के बाद अब उनकी नजरें महिला सिंगल्स में अपने प्रदर्शन पर रहेंगी। इस मुकाबले में उनके पास आगे बढ़ने और पदक की संभावनाओं को मजबूत करने का अवसर होगा। हालांकि, सेमीफाइनल के नतीजे और उनके प्रतिद्वंद्वी से जुड़ी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
कुल मिलाकर, नागोया में भारत की टेकबॉल टीम के लिए मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर फाइनल का नतीजा निराशाजनक रहा, लेकिन प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की पदक की उम्मीदें अभी बरकरार हैं। क्विंसी डिसूज़ा और अनस बेग रेपेशाज राउंड में ब्रॉन्ज मेडल के लिए चुनौती पेश करेंगे, जबकि डिसूज़ा महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में उतरेंगी। अब देखना होगा कि भारतीय खिलाड़ी आगामी मुकाबलों में किस तरह वापसी करते हैं और एशियाई खेलों में भारत के लिए पदक जीतने में सफल हो पाते हैं या नहीं।


