डॉटर्स डे के मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सैनन ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक खास संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने डॉटर्स डे मनाने के पारंपरिक तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि बेटियों के लिए सिर्फ शुभकामनाएं और प्यार जताना पर्याप्त नहीं है। असली जरूरत ऐसे समाज की है, जहां महिलाएं और लड़कियां सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से रह सकें।
हर साल सितंबर महीने के चौथे रविवार को डॉटर्स डे मनाया जाता है। इस मौके पर लोग अपनी बेटियों के साथ तस्वीरें साझा करते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। कृति सैनन ने भी इस दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, लेकिन उनका संदेश महिलाओं की रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर केंद्रित रहा।
कृति ने अपने संदेश में उन परिस्थितियों का जिक्र किया, जिनका सामना कई लड़कियों को रोजाना करना पड़ता है। उन्होंने लोगों से सोचने को कहा कि अगर किसी बेटी का फोन आए और वह कहे कि कुछ पुरुष उसका पीछा कर रहे हैं, तो उसके परिवार और खुद उस लड़की के मन में किस तरह का डर पैदा हो सकता है।
अभिनेत्री ने अकेले घर लौटते समय बार-बार पीछे मुड़कर देखने जैसी स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई लड़कियों को सुरक्षित जगह पहुंचने तक इस बात की चिंता रहती है कि कहीं कोई उनका पीछा तो नहीं कर रहा। ऐसी स्थिति में फोन की बैटरी खत्म हो जाना भी उनके लिए चिंता का कारण बन सकता है।
कृति ने यह भी बताया कि लड़कियां अपनी सुरक्षा के लिए कई तरह की सावधानियां अपनाती हैं। इनमें लाइव लोकेशन किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर करना, जरूरत पड़ने पर पेपर स्प्रे रखना, पैदल जाने के बजाय कैब बुक करना या रास्ते में किसी परिचित को फोन पर बनाए रखना जैसी आदतें शामिल हैं।
उनका कहना था कि ये चीजें अब कई महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं। यानी सार्वजनिक जगहों पर सामान्य तरीके से आने-जाने के दौरान भी उन्हें लगातार अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ता है।
कृति सैनन ने अपने संदेश के जरिए यह सवाल उठाया कि क्या केवल एक दिन बेटियों को सेलिब्रेट करना पर्याप्त है, जबकि साल के बाकी दिनों में उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित रहना पड़ता है। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक स्थानों की जरूरत पर जोर दिया।
अभिनेत्री के मुताबिक, डॉटर्स डे का असली अर्थ तभी पूरा होगा, जब महिलाएं और लड़कियां सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी डर के आजादी से रह सकें। उनके संदेश का फोकस किसी एक घटना पर नहीं, बल्कि महिलाओं की रोजमर्रा की सुरक्षा से जुड़ी व्यापक चिंता पर था।
कृति सैनन की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर उनके अनुभव को लेकर चर्चा शुरू हुई। उनके संदेश में यह सवाल सामने आया कि समाज ऐसा वातावरण कब बना पाएगा, जहां बेटियों को घर से बाहर निकलते समय लगातार अपनी सुरक्षा के बारे में न सोचना पड़े।
डॉटर्स डे पर कृति सैनन का यह संदेश बेटियों को सिर्फ प्यार और शुभकामनाएं देने के बजाय उनकी सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर सामाजिक जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करता है। उन्होंने इस दिन को एक ऐसे समाज की जरूरत से जोड़ते हुए अपनी बात रखी, जहां हर लड़की बिना डर के अपने रोजमर्रा के काम कर सके।


