लखनऊ में अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन, गाय और विपक्ष को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने बजरंगियों को उन लोगों से सावधान रहने की सलाह दी, जो उनके मुताबिक राम मंदिर आंदोलन को बदनाम और अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों को ऐसे लोगों से सतर्क रहना चाहिए, जो आंदोलन में घुसपैठ करके इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना रामायण के पात्र कालनेमि से की, जिसने भगवान हनुमान को उनके उद्देश्य से भटकाने का प्रयास किया था।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अशोक सिंघल के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्होंने लंबे समय तक इस आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए काम किया। अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के मौके पर उनके योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके विचारों और कार्यों का उल्लेख किया।
गाय के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गाय को केवल एक जानवर के रूप में देखते हैं, जबकि भारतीय परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि गाय को जानवर बताने वाले खुद पशु बुद्धि के शिकार हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय नस्ल की गायों के संरक्षण और गोसेवा की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गायों के संरक्षण के लिए समाज और सरकार दोनों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने गो-संरक्षण से जुड़े राज्य सरकार के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
अपने भाषण के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौरान उनके रुख का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कभी राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे, वे अब अलग-अलग तरीकों से खुद को रामभक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक अयोध्या में सड़क, बिजली, सफाई और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम किया गया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ विकास के नए केंद्र के रूप में भी आगे बढ़ रही है।
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के कार्यक्रम में उनके जीवन और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े योगदान को प्रमुखता से याद किया गया। विश्व हिंदू परिषद से लंबे समय तक जुड़े रहे अशोक सिंघल रामजन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस संबोधन में एक तरफ अशोक सिंघल के योगदान को याद किया गया, तो दूसरी तरफ राम मंदिर आंदोलन के विरोधियों और राजनीतिक विपक्ष पर तीखी टिप्पणियां की गईं। गाय के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी। उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में इस भाषण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।


