भारत ने सऊदी अरब में नागरिक सुविधाओं और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस घटनाक्रम के बीच रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। भारत ने सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सऊदी अरब में हाल में हुए हमलों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने क्षेत्र में अरामको के मुख्यालय से जुड़े प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से हमले रोकने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में कदम उठाने की अपील की है।
रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में भारतीय नागरिक की मौत की खबर ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। विदेशों में काम करने और रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहने की आवश्यकता है। हालांकि, हमले में घायल हुए लोगों की संख्या और घटना से जुड़े अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि को ध्यान में रखना जरूरी है।
भारत और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से मजबूत आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक संबंध रहे हैं। सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा आपूर्ति और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग है। ऐसे में सऊदी अरब की सुरक्षा स्थिति भारत के लिए कूटनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से अहम है।
अरामको सऊदी अरब की प्रमुख ऊर्जा कंपनी है और वैश्विक तेल आपूर्ति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी के प्रतिष्ठानों या ऊर्जा ढांचे पर हमलों से केवल सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो तेल की आपूर्ति, परिवहन और कीमतों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
भारत ने सऊदी अरब की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी। भारत का रुख इस बात पर केंद्रित है कि नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाने वाली गतिविधियां रोकी जाएं और विवादों का समाधान कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से निकाला जाए।
इस घटनाक्रम के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों को स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास की ओर से जारी आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित भारतीय मिशन से संपर्क करना उपयोगी हो सकता है।
फिलहाल भारत ने सऊदी अरब में हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग दोहराई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए संबंधित पक्ष क्या कदम उठाते हैं और वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।


