आजकल बढ़ा हुआ यूरिक एसिड कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोग इसे नियंत्रित करने के लिए खानपान में बदलाव करने लगते हैं। कई बार लोग प्रोटीन का सेवन बहुत कम कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार अपनाया जाए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह ली जाए।
घरेलू उपायों की बात करें तो लौंग, तेजपत्ता और दालचीनी से तैयार पेय का इस्तेमाल कुछ लोग करते हैं। इन तीनों मसालों में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुणों पर शोध हुआ है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि इस चाय से यूरिक एसिड का स्तर कम होने या गठिया के दौरे रुकने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसे यूरिक एसिड का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
यूरिक एसिड बढ़ने पर कुछ लोगों को जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न महसूस हो सकती है। खासतौर पर पैर के अंगूठे, टखने और एड़ी में अचानक तेज दर्द होना गठिया यानी गाउट का संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर यूरिक एसिड बढ़ने की पुष्टि नहीं की जा सकती। सही स्थिति जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है। यदि किसी जोड़ में अचानक बहुत तेज दर्द, लालिमा और गर्माहट हो या बुखार भी आए, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
अगर आप लौंग, तेजपत्ता और दालचीनी का गर्म पेय बनाना चाहते हैं, तो इसकी विधि काफी आसान है। इसके लिए आपको तीन चीजों की जरूरत होगी। पहली, दो लौंग। दूसरी, एक तेजपत्ता। तीसरी, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा। इन सामग्रियों को एक कप पानी में डालकर पांच से सात मिनट तक उबालें। इसके बाद पानी को छान लें और थोड़ा ठंडा होने पर गुनगुना पिएं।
अब सवाल है कि ये तीनों मसाले शरीर के लिए किस तरह उपयोगी हो सकते हैं? लौंग में यूजेनॉल नामक यौगिक पाया जाता है। इस पर एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से जुड़े प्रभावों को लेकर शोध हुआ है। हालांकि, लौंग का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर कम हो जाता है, ऐसा साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
तेजपत्ते में भी एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकते हैं। लेकिन तेजपत्ते की चाय से यूरिक एसिड नियंत्रित होने का दावा अभी प्रमाणित उपचार का विकल्प नहीं है।
इसी तरह दालचीनी पर रक्त शर्करा और चयापचय से जुड़े कुछ प्रभावों को लेकर अध्ययन किए गए हैं। हालांकि, इसके परिणाम हर व्यक्ति में समान नहीं होते। दालचीनी को यूरिक एसिड कम करने की दवा समझना सही नहीं होगा। इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में स्वाद और पेय के लिए किया जा सकता है।
यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए सबसे जरूरी है कि खानपान संतुलित रखा जाए। केवल यूरिक एसिड बढ़ने के डर से प्रोटीन पूरी तरह कम न करें। दाल, दूध और दही जैसे खाद्य पदार्थों को अपनी जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार आहार में शामिल किया जा सकता है। शराब, मीठे पेय और अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज वाली चीजों से बचना भी उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त पानी पिएं, वजन स्वस्थ सीमा में रखें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार भोजन में बदलाव करें।
यदि जांच में यूरिक एसिड लगातार बढ़ा हुआ मिलता है या गाउट के दौरे पड़ते हैं, तो डॉक्टर उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं। निर्धारित दवाओं को घरेलू नुस्खों के भरोसे बंद न करें। लौंग, तेजपत्ता और दालचीनी की चाय सामान्य पेय के रूप में ली जा सकती है, लेकिन इसे यूरिक एसिड कम करने का प्रमाणित उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

