राम मंदिर से जुड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज एफआईआर के बाद पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भाजपा और पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं और यदि जरूरत पड़ी तो अपनी बात रखने के लिए हर तरह की चुनौती का सामना करेंगे।
यह मामला संसद परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर एक पुजारी की भूमिका निभाई और दानपात्र से पैसे निकालने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इसके बाद भाजपा नेताओं की शिकायत पर राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर मामला दर्ज किया गया।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें भगवा वस्त्र पहनने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म, मंदिर या श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे कथित रूप से मंदिरों के दान के दुरुपयोग के मुद्दे को उठाना चाहते थे।
पप्पू यादव ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति धार्मिक संस्थानों में होने वाली कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाता है, तो क्या उसे अपराध माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका विरोध केवल भ्रष्टाचार और कथित वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ था, न कि किसी धर्म के खिलाफ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि “मैं एफआईआर से डरने वाला नहीं हूं। अगर सच बोलने की कीमत चुकानी पड़े, तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार और बच्चों को इस विवाद में शामिल करना उचित नहीं है।
अपने बयान में पप्पू यादव ने यह भी कहा कि चाहे उनका कितना भी विरोध किया जाए, वे अपने मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि “गोली खाने की नौबत भी आ जाए तो पीछे नहीं हटूंगा,” हालांकि यह उनका राजनीतिक बयान था।
फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर की जांच जारी है। आरोपों पर संबंधित एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही हैं। मामले में अभी किसी अदालत द्वारा कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।


