देश और दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पहले जहां यह बीमारी अधिक उम्र की महिलाओं में देखने को मिलती थी, वहीं अब 30 वर्ष की उम्र के आसपास की महिलाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, बढ़ता मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता इस जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रोसेस्ड फूड, अधिक चीनी और जंक फूड का सेवन तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही नियमित व्यायाम की कमी और बढ़ता वजन महिलाओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यही कारण है कि कम उम्र में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और फाइबर युक्त भोजन का सेवन शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को घटाने में सहायक माने जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थों को भी भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं। अखरोट, अलसी के बीज और वसायुक्त मछलियां जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। वहीं, ब्रोकली, फूलगोभी जैसी क्रूसिफेरस सब्जियों में ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर शोध जारी है और जो शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए केवल खानपान ही नहीं, बल्कि नियमित शारीरिक गतिविधि भी बेहद महत्वपूर्ण है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम, योग या तेज चाल से पैदल चलने जैसी गतिविधियां वजन नियंत्रित रखने में मदद करती हैं। मोटापा कई प्रकार के कैंसर के जोखिम कारकों में शामिल माना जाता है, इसलिए स्वस्थ वजन बनाए रखना आवश्यक है।
इसके अलावा महिलाओं को समय-समय पर स्तनों की स्वयं जांच (Breast Self-Examination) करने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए। यदि स्तन में गांठ, त्वचा में बदलाव, असामान्य दर्द या निप्पल से किसी प्रकार का स्राव जैसी कोई असामान्य समस्या दिखाई दे, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। शुरुआती चरण में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थ, ट्रांस फैट और ज्यादा तली-भुनी चीजों का सेवन सीमित करें। शराब का सेवन भी ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है, इसलिए इससे दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव पर नियंत्रण और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी आदतें लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। यदि आपको स्तन में कोई असामान्य बदलाव महसूस हो या ब्रेस्ट कैंसर का पारिवारिक इतिहास हो, तो तुरंत योग्य डॉक्टर या ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह लें।

