सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु सावन सोमवार का व्रत रखते हैं और फलाहारी भोजन का सेवन करते हैं। हालांकि व्रत के समय सीमित खान-पान के कारण शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में यदि फलाहार में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएं, तो लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने और मांसपेशियों के स्वास्थ्य को समर्थन देने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, व्रत के दौरान संतुलित आहार लेना जरूरी है। यदि आपको मधुमेह, किडनी रोग या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत के दौरान आहार में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।
1. दही के साथ राजगिरा का पराठा
राजगिरा (अमरनाथ) का आटा प्रोटीन, फाइबर और आयरन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इससे बना पराठा दही के साथ खाने पर स्वाद और पोषण दोनों मिल सकते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद कर सकता है।
2. मखाना और ड्राई फ्रूट्स ट्रेल मिक्स
भुने हुए मखानों में बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश मिलाकर हेल्दी स्नैक तैयार किया जा सकता है। यह मिश्रण प्रोटीन, हेल्दी फैट और कई आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
3. समा के चावल के साथ दही या पनीर
समा के चावल (Barnyard Millet) व्रत में लोकप्रिय विकल्प हैं। इन्हें घर में बने पनीर या दही के साथ खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ सकती है और भोजन अधिक संतुलित बन सकता है।
4. सिंघाड़े के आटे की टिक्की और शकरकंद चाट
उबले हुए शकरकंद में सेंधा नमक, नींबू और पुदीने की चटनी मिलाकर स्वादिष्ट चाट तैयार की जा सकती है। इसके साथ सिंघाड़े के आटे की टिक्की खाने से भोजन में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ सकती है।
5. सेंधा नमक वाला पनीर टिक्का
पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। दही और व्रत में उपयोग होने वाले मसालों में पनीर को मैरीनेट करके तवे या एयर फ्रायर में हल्का सेंककर स्वादिष्ट और पौष्टिक फलाहार तैयार किया जा सकता है।
6. व्रत वाले आटे से लौकी के कोफ्ते
कद्दूकस की हुई लौकी में कुट्टू या सिंघाड़े का आटा मिलाकर कोफ्ते बनाए जा सकते हैं। इन्हें हल्का पकाकर टमाटर आधारित व्रत वाली ग्रेवी में परोसें। यह स्वाद के साथ पोषण भी प्रदान कर सकता है।
व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
व्रत में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या अन्य अनुमत पेय पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। अधिक तली-भुनी चीजों के बजाय संतुलित और हल्का भोजन चुनें। यदि कमजोरी, चक्कर या अन्य स्वास्थ्य समस्या महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।


