ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय मुक्केबाजों का मंगलवार को केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने सम्मान किया। नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात की और देश के लिए रिकॉर्ड प्रदर्शन करने पर उन्हें बधाई दी। भारतीय मुक्केबाजों ने इस बार कुल 10 पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया।
सम्मान समारोह के दौरान मनसुख मंडाविया ने सभी सात स्वर्ण पदक विजेताओं को 30-30 लाख रुपये और तीन रजत पदक विजेताओं को 20-20 लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है और सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
57 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने सम्मान मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय खेल मंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए आश्वासन दिया कि उनकी जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कराई जाएगी। जैस्मिन ने कहा कि देश के खेल मंत्री से इस तरह का सम्मान और समर्थन मिलना उनके लिए बेहद प्रेरणादायक है।
जैस्मिन लंबोरिया ने कहा कि भारत लौटने के तुरंत बाद खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाना पूरे दल के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि खिलाड़ियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की सुविधा या सहायता की आवश्यकता होगी, तो सरकार उसे उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास करेगी।
60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रिया घांघस ने भी केंद्रीय मंत्री के साथ हुई मुलाकात को प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान आने वाले एशियन गेम्स की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। प्रिया के अनुसार, सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
प्रिया घांघस ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में राष्ट्रगान के बीच स्वर्ण पदक जीतना उनके जीवन का सबसे यादगार पल रहा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा ध्यान एशियन गेम्स पर है, जहां वह भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य लेकर तैयारी करेंगी।
भारतीय मुक्केबाजों का इस बार का प्रदर्शन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। टीम ने कुल 10 पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स के किसी एक संस्करण में मुक्केबाजी में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। इस उपलब्धि ने भारतीय मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों की निरंतर सफलता को भी साबित किया है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। आने वाले एशियन गेम्स और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी भारतीय मुक्केबाजों से इसी तरह के शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।


