Global Terrorism Index 2026 की रिपोर्ट ने आतंकवाद से प्रभावित देशों को लेकर बड़ी तस्वीर सामने रखी है। इस रैंकिंग में पाकिस्तान पहली बार दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देश बना है। पाकिस्तान ने 10 में से 8.574 का स्कोर हासिल किया है और पिछले साल के मुकाबले उसकी स्थिति में काफी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं भारत 13वें स्थान पर है, जबकि अमेरिका 28वें नंबर पर है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि यह रैंकिंग किसी देश को ‘आतंकवादी देश’ घोषित नहीं करती, बल्कि उस देश पर आतंकवाद के प्रभाव को मापती है।
Global Terrorism Index यानी GTI को Institute for Economics & Peace तैयार करता है। इसमें देशों की रैंकिंग केवल आतंकी हमलों की संख्या के आधार पर नहीं होती। आतंकवादी घटनाएं, उनसे होने वाली मौतें, घायलों की संख्या और बंधक बनाए गए लोगों जैसे कई संकेतकों को ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा प्रभाव को समझने के लिए पांच साल के आंकड़ों को भी वेटेज दिया जाता है। रिपोर्ट में कुल 163 देशों का आकलन किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान 2026 के इंडेक्स में सबसे ऊपर पहुंच गया है। वर्ष 2025 के दौरान पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी 1,045 घटनाएं दर्ज की गईं और 1,139 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी खास तौर पर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के आसपास सक्रिय आतंकवादी संगठनों और क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़ी हुई है।
पाकिस्तान के बाद बुर्किना फासो दूसरे स्थान पर है, जबकि नाइजर तीसरे और नाइजीरिया चौथे स्थान पर हैं। माली पांचवें स्थान पर है। इसके बाद सीरिया, सोमालिया और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे देश शीर्ष प्रभावित देशों में शामिल हैं। इससे यह भी पता चलता है कि आतंकवाद का सबसे ज्यादा प्रभाव अभी भी अफ्रीका और कुछ संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रित है।
भारत की बात करें तो देश इस इंडेक्स में 13वें स्थान पर है। भारत का स्कोर 6.43 बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं और मौतों में पिछले साल की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहलू है क्योंकि देश लंबे समय से विभिन्न आतंकी संगठनों और हिंसक गतिविधियों से सुरक्षा चुनौती का सामना करता रहा है।
भारत से ऊपर अफगानिस्तान भी इस सूची में शामिल है। हालांकि, रिपोर्ट की तस्वीर यह भी बताती है कि आतंकवाद का प्रभाव सभी देशों में एक जैसा नहीं है। कुछ देशों में आतंकवादी घटनाएं बेहद सीमित हैं, जबकि कुछ देशों में लगातार संघर्ष और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के कारण आतंकवाद बड़ी समस्या बना हुआ है।
अमेरिका इस रैंकिंग में 28वें स्थान पर है और उसका स्कोर 4.521 है। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी देशों में 2025 के दौरान आतंकवाद से होने वाली मौतों में तेज वृद्धि हुई। हालांकि, दुनिया भर में आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों में 28 प्रतिशत की गिरावट आई और कुल घटनाओं में भी 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2025 में वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से 5,582 मौतें हुईं।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आतंकवाद का स्वरूप बदल रहा है। पश्चिमी देशों में अकेले हमलावरों यानी lone-wolf attackers की भूमिका बढ़ी है। युवाओं में ऑनलाइन कट्टरपंथ की बढ़ती प्रवृत्ति को भी एक महत्वपूर्ण खतरे के रूप में देखा गया है।
इस पूरी रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश यही है कि दुनिया में आतंकवाद का प्रभाव कुल मिलाकर घटा जरूर है, लेकिन यह खतरा कुछ खास देशों और क्षेत्रों में ज्यादा तेजी से केंद्रित हो रहा है। पाकिस्तान का पहली बार शीर्ष स्थान पर पहुंचना इसी बदलाव का बड़ा उदाहरण है। वहीं भारत का 13वें स्थान पर होना बताता है कि देश में आतंकवाद का प्रभाव अभी भी एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है, भले ही हाल के आंकड़ों में कुछ सुधार दिखाई दिया हो।
कुल मिलाकर Global Terrorism Index 2026 की रैंकिंग आतंकवाद की वैश्विक तस्वीर को समझने का एक महत्वपूर्ण जरिया है। पाकिस्तान का 8.574 स्कोर के साथ पहले स्थान पर पहुंचना सबसे बड़ा बदलाव है, जबकि भारत 13वें और अमेरिका 28वें स्थान पर है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि आतंकवाद से निपटने के लिए केवल सैन्य कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सीमा सुरक्षा, कट्टरपंथ की रोकथाम और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा।


