अगर आप वजन कम करने के लिए डाइट और एक्सरसाइज कर रही हैं, तो आपने कभी न कभी एक दिलचस्प बदलाव जरूर देखा होगा। कई दिनों तक मेहनत करने के बावजूद तराजू पर वजन लगभग एक जैसा रहता है और फिर अचानक एक सुबह 500 ग्राम, 700 ग्राम या कभी-कभी उससे भी ज्यादा वजन कम दिखाई देता है। खासकर कई महिलाओं में यह बदलाव पीरियड्स खत्म होने के आसपास नजर आ सकता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? क्या शरीर ने अचानक ज्यादा फैट कम कर लिया या इसके पीछे कोई और वजह है?
दरअसल, इसका एक बड़ा कारण शरीर में जमा अतिरिक्त पानी हो सकता है। मासिक धर्म से पहले और उसके दौरान हार्मोनल बदलावों की वजह से शरीर में पानी रुक सकता है। इसके कारण पेट फूला हुआ महसूस हो सकता है और शरीर का वजन कुछ समय के लिए बढ़ा हुआ या स्थिर दिखाई दे सकता है।
यही वजह है कि कई बार आप अपनी डाइट और एक्सरसाइज को लगातार फॉलो कर रही होती हैं, लेकिन तराजू पर उसका असर तुरंत दिखाई नहीं देता। इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि आपकी मेहनत बेकार जा रही है। शरीर के वजन में पानी, भोजन, ग्लाइकोजन और पाचन तंत्र में मौजूद सामग्री की वजह से भी रोजाना उतार-चढ़ाव हो सकता है।
अब बात करते हैं ‘वॉश इफेक्ट’ की। इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उस स्थिति को समझाने के लिए किया जाता है, जब कुछ समय तक शरीर में पानी जमा रहने के बाद वह अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है और वजन अचानक कम दिखाई देता है। पीरियड्स के बाद हार्मोनल बदलाव सामान्य होने के साथ कुछ महिलाओं में पानी का रिटेंशन कम हो सकता है। नतीजा यह होता है कि तराजू पर वजन अचानक नीचे दिखाई देता है।
उदाहरण के लिए, अगर कई दिनों तक आपका वजन 65 किलो के आसपास बना हुआ था और पीरियड्स के बाद अचानक 64.3 किलो दिखाई देता है, तो इसका पूरा 700 ग्राम वजन फैट कम होने की वजह से हुआ हो, यह जरूरी नहीं है। इसका एक बड़ा हिस्सा शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी के कम होने से जुड़ा हो सकता है।
इसलिए वजन कम करने के दौरान सिर्फ एक दिन के वजन को देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। रोजाना वजन में थोड़ा बदलाव सामान्य है। अगर आप अपनी प्रगति देखना चाहती हैं, तो एक ही समय और समान परिस्थितियों में नियमित रूप से वजन मापना और कई दिनों या हफ्तों के ट्रेंड को देखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
पीरियड्स के दौरान शरीर में पानी रुकने के साथ-साथ भूख, खाने की मात्रा, नमक और कार्बोहाइड्रेट के सेवन में भी बदलाव हो सकता है। ये सभी चीजें शरीर के वजन को अस्थायी रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मासिक चक्र के अलग-अलग चरणों में तराजू पर दिखने वाले आंकड़े में अंतर होना असामान्य नहीं है।
यह भी समझना जरूरी है कि पानी कम होने और शरीर की वास्तविक चर्बी कम होने में अंतर होता है। अगर आपका लक्ष्य फैट लॉस है, तो उसके लिए लंबे समय तक संतुलित कैलोरी सेवन, पर्याप्त प्रोटीन, नियमित शारीरिक गतिविधि, अच्छी नींद और निरंतरता महत्वपूर्ण होती है। पीरियड्स के बाद अचानक वजन कम होना अपने आप में तेजी से फैट लॉस का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
अगर वजन में अचानक और लगातार बहुत ज्यादा बदलाव हो रहा है, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन तेजी से घट रहा है, या इसके साथ कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक थकान या मासिक धर्म में असामान्य बदलाव जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
तो अगली बार पीरियड्स के बाद तराजू पर अचानक वजन कम दिखाई दे, तो घबराने या बहुत ज्यादा उत्साहित होने के बजाय इसे शरीर में पानी के सामान्य बदलाव के संदर्भ में समझें। वजन घटाने की असली प्रगति एक दिन के आंकड़े से नहीं, बल्कि लंबे समय के ट्रेंड से बेहतर तरीके से समझी जाती है।


