बेल्जियम और जर्मनी की सीमा के पास स्थित लीज प्रांत के हाई फेंस प्राकृतिक वन क्षेत्र में भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी है। रविवार को भड़की इस वनाग्नि ने अब तक 27 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। आग को बेल्जियम के हालिया इतिहास की सबसे गंभीर वनाग्नियों में से एक बताया जा रहा है। आग के तेजी से फैलने के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले सैकड़ों लोगों को अपना घर खाली करना पड़ा है।
हाई फेंस बेल्जियम के सबसे बड़े प्राकृतिक वन क्षेत्रों में शामिल है और यह जर्मनी की सीमा के करीब स्थित है। लीज प्रांत के वाइम्स और बूटगेनबाख नगरपालिकाओं में आग के कारण हालात तेजी से बिगड़े। हवा का रुख बदलने और आसपास के इलाकों में घना धुआं फैलने के बाद करीब 600 निवासियों को 15 अगस्त को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया।
आग के कारण प्रशासन ने पर्यटकों को भी प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने और इलाके को खाली करने की सलाह दी है। जिन लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है, उनके लिए पास के एक व्यायामशाला को अस्थायी राहत शिविर में तब्दील किया गया है। यहां विस्थापित लोगों को अस्थायी रूप से ठहराने की व्यवस्था की गई है।
लीज प्रांत के गवर्नर हर्व जमार के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए 250 से अधिक आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया गया है। राहत और बचाव अभियान में बेल्जियम और जर्मनी के दमकलकर्मी, पुलिसकर्मी, सेना के अधिकारी और नागरिक सुरक्षा बल के कर्मचारी शामिल हैं। आग बुझाने के अभियान में हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है, ताकि जंगल के उन हिस्सों तक पहुंचा जा सके जहां जमीन से राहत दलों के लिए पहुंचना मुश्किल है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती आग की तेजी से बदलती दिशा और मौसम की स्थिति है। हफ्तों से जारी तेज गर्मी और शुष्क मौसम ने जंगल में आग फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी थीं। सूखी वनस्पति और तेज हवा के कारण आग को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। लोगों को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए जरूरत के मुताबिक दूसरे इलाकों को भी खाली कराया जा सकता है। राहतकर्मी आग के फैलाव को रोकने और जंगल के संवेदनशील हिस्सों को बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। 27 वर्ग किलोमीटर से अधिक वन क्षेत्र के जलने से पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है। बेल्जियम और जर्मनी की संयुक्त टीमें आग पर जल्द से जल्द काबू पाने की कोशिश में जुटी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल आग को नियंत्रित करने के साथ-साथ आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


