पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में पतंग उड़ाते समय 17 साल का एक किशोर हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस वक्त हुआ जब किशोर पतंग उड़ाने के दौरान मांझा खींच रहा था और मांझा कथित तौर पर हाईटेंशन वायर के संपर्क में आ गया। इसके बाद अचानक करंट की चपेट में आने से किशोर बुरी तरह झुलस गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और घायल किशोर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के मुताबिक, हादसा पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में हुआ। 17 वर्षीय किशोर पतंग उड़ा रहा था। इसी दौरान जब उसने पतंग के मांझे को खींचने की कोशिश की, तभी मांझा पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली की तेज वोल्टेज वाली लाइन से संपर्क होते ही किशोर करंट की चपेट में आ गया और उसके शरीर में गंभीर चोटें आईं।
हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए। करंट लगने के बाद किशोर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती इलाज के लिए उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति का आकलन किया। हालत गंभीर होने के कारण बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में किशोर का इलाज किया गया। राहत की बात यह है कि उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि, हाईटेंशन करंट की चपेट में आने के कारण उसे गंभीर चोटें आई हैं और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर पतंग उड़ाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पतंग उड़ाने का शौक खासकर बच्चों और किशोरों में काफी लोकप्रिय है, लेकिन बिजली की लाइनों के आसपास पतंग उड़ाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार पतंग या उसका मांझा बिजली के तारों में फंस जाता है और उसे निकालने की कोशिश करने पर गंभीर हादसा हो सकता है।
हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के लिए मांझे का सीधे किसी व्यक्ति के शरीर से छूना जरूरी नहीं होता। अगर कोई प्रवाहकीय वस्तु बिजली की लाइन के बेहद करीब पहुंच जाती है तो भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि बिजली की लाइनों, ट्रांसफॉर्मर और विद्युत उपकरणों के आसपास पतंग उड़ाने से बचने की सलाह दी जाती है।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है। खासकर बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि पतंग उड़ाने के लिए खुले मैदान या ऐसे स्थान का चुनाव किया जाए जहां आसपास बिजली की हाईटेंशन लाइन न हो। अगर पतंग बिजली के तारों में फंस जाए तो उसे खुद निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
मांझे को लेकर भी सावधानी जरूरी है। कुछ प्रकार के मांझे बिजली के संपर्क में आने पर खतरा बढ़ा सकते हैं। पतंग उड़ाते समय बच्चों को अकेले न छोड़ना और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।
गाजीपुर की इस घटना में समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने और इलाज मिलने के बाद किशोर की हालत खतरे से बाहर होना राहत की बात है। लेकिन यह हादसा एक बड़ी चेतावनी भी है कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पतंग उड़ाते समय उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि मनोरंजन किसी गंभीर दुर्घटना में न बदल जाए।


