भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दुनिया के कई प्रमुख नेताओं ने भारत और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और इजराइल के राष्ट्रपति आइजक हर्जोग समेत कई वैश्विक नेताओं ने भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। अलग-अलग देशों के नेताओं के संदेशों में भारत की उपलब्धियों, लोकतंत्र, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की सराहना की गई।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए भारत को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारत के लोगों के लिए शुभकामनाएं साझा करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत होते संबंधों को भी रेखांकित किया। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, रणनीतिक सहयोग, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में साझेदारी है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। पुतिन ने रूस और भारत के संबंधों को विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी बताया। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच रचनात्मक सहयोग आगे भी जारी रहेगा और इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पुतिन ने कहा कि रूस और भारत कई क्षेत्रों में आपसी हितों के आधार पर सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी साथ मिलकर काम करते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों की साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई और कहा कि इसका फायदा दोनों देशों के लोगों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आजादी के बाद के आठ दशकों में भारत की प्रगति की सराहना की और भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र तथा प्रमुख तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। अल्बानीज ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी भारत को शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने भारत की आठ दशकों की यात्रा को देश की आकांक्षाओं, मजबूती और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। भारत और मालदीव के बीच लंबे समय से समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंध रहे हैं।
इजराइल के राष्ट्रपति आइजक हर्जोग ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। उन्होंने भारत और इजराइल के बीच घनिष्ठ मित्रता को और मजबूत करने की इच्छा जताई। वहीं सिंगापुर के राष्ट्रपति थरमन षणमुगरत्नम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर भारत को शुभकामनाएं दीं और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया।
नेपाल और भूटान के नेताओं ने भी भारत के स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं दीं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों तथा लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने की कामना की। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को बधाई देते हुए दोनों देशों की स्थायी मित्रता को आगे बढ़ाने की बात कही।
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भी भारत की स्वतंत्रता के बाद की विकास यात्रा को विकासशील देशों के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने भारत और मालदीव के बीच दोस्ती तथा सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद जताई। स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी समेत कई अन्य नेताओं ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई दी थी। उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत साझेदारी बताते हुए दोनों देशों के लोगों के बीच पुराने संबंधों और सहयोग को इसकी महत्वपूर्ण नींव बताया। कुल मिलाकर, भारत के स्वतंत्रता दिवस पर आए इन संदेशों ने यह दिखाया कि दुनिया के कई प्रमुख देश भारत के साथ अपने द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं।


