भारतीय कुश्ती के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अंडर-20 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में भारत की युवा पहलवान काजल धोचक ने लगातार दूसरी बार विश्व खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। काजल ने 76 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर शानदार अंदाज में गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
18 साल की काजल के लिए यह लगातार दूसरा अंडर-20 विश्व खिताब है। इससे पहले उन्होंने पिछले साल 72 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व चैंपियनशिप का गोल्ड जीता था। इस बार भार वर्ग बदलने के बावजूद उनका दबदबा कायम रहा और फाइनल में उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी को एक भी अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।
काजल की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह अब जूनियर स्तर से आगे बढ़कर सीनियर कुश्ती में भी अपनी पहचान बना रही हैं। इस साल जून में मंगोलिया में आयोजित रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद जुलाई में बुडापेस्ट प्रतियोगिता में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके अलावा पटाया में हुई अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप में भी काजल ने खिताब अपने नाम किया था।
इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए काजल को भारतीय कुश्ती के उभरते सितारों में गिना जा रहा है। लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक जीतना बताता है कि वह आने वाले समय में सीनियर स्तर पर भी भारत के लिए बड़ी उम्मीद बन सकती हैं।
वहीं भारत की तनु शर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 72 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में जगह बनाई। हालांकि गोल्ड मेडल के मुकाबले में उन्हें जापान की चिसातो योशिदा के खिलाफ 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। कड़े मुकाबले के बाद तनु को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
62 किलोग्राम भार वर्ग में सविता ने भी फाइनल तक का सफर तय किया। लेकिन स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें जापान की साकुरा ओनीशी ने तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 12-2 से हराया। इस तरह सविता के खाते में भी सिल्वर मेडल आया।
भारत के लिए प्रतियोगिता में एक और पदक की उम्मीद बनी हुई है। 68 किलोग्राम भार वर्ग में मानसी लादर फाइनल में पहुंच चुकी हैं। स्वर्ण पदक के लिए उनका मुकाबला चीन की चेनलिंग सोंग से होगा। वहीं 59 किलोग्राम भार वर्ग में कोमल रेपचेज राउंड में स्पेन की रोजा मोलिना रोड्रिगेज के खिलाफ उतरेंगी।
भारतीय महिला पहलवानों के शानदार प्रदर्शन के बीच ग्रीको-रोमन वर्ग में भारत को अभी पदक नहीं मिल पाया है। हालांकि महिला पहलवानों के प्रदर्शन ने भारतीय कुश्ती के लिए एक बार फिर उम्मीद जगाई है।
काजल धोचक का लगातार दूसरी बार अंडर-20 विश्व चैंपियन बनना सिर्फ उनका व्यक्तिगत गौरव नहीं है, बल्कि यह भारतीय कुश्ती के मजबूत भविष्य का संकेत भी है। अगर वह इसी तरह सीनियर स्तर पर भी प्रदर्शन जारी रखती हैं, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर महत्वपूर्ण पदक की दावेदार बन सकती हैं।


