उत्तर प्रदेश की राजनीति में मछली भोज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। अयोध्या में मछली खाने के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अजय राय मंगलवार को लखनऊ सिविल कोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने इस मामले में मानहानि का दावा दाखिल किया। इस घटनाक्रम के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के आसार हैं।
दरअसल, अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मछली खाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। इस मामले में अजय राय पर कथित तौर पर मछली खाने के आरोप लगाए गए थे। कांग्रेस नेता का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसी को आधार बनाकर उन्होंने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना है।
अजय राय मंगलवार को लखनऊ की सिविल कोर्ट पहुंचे और वहां मानहानि का दावा दाखिल किया। इस कदम के साथ कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती। अब मामला अदालत में पहुंच चुका है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सामने आ सकती हैं। अदालत इस मामले में किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर अब सबकी नजर रहेगी।
मछली भोज से जुड़ा यह विवाद उस समय चर्चा में आया जब अयोध्या में अजय राय के कार्यक्रम और वहां खाने को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए गए। मामले ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया। कांग्रेस की तरफ से आरोपों को खारिज किया गया, जबकि दूसरी ओर इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी जारी रही। अब अजय राय द्वारा मानहानि का मुकदमा दाखिल किए जाने के बाद विवाद ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है।
अजय राय का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोपों से उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है। इसी वजह से उन्होंने अदालत का रुख किया है। मानहानि का मामला दाखिल करने के पीछे उनका मकसद कथित तौर पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ कानूनी तौर पर जवाब देना है। अब इस मामले में अदालत के सामने यह सवाल भी उठ सकता है कि आरोप किस आधार पर लगाए गए और क्या कथित बयान वास्तव में मानहानि की कानूनी श्रेणी में आते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले भी नेताओं के बीच बयानबाजी कई बार अदालत तक पहुंचती रही है। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का यह कदम राजनीतिक तौर पर भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों ही नेता उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमुख चेहरे हैं और ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।
कांग्रेस के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी लंबे समय से बीजेपी और राज्य सरकार पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर सवाल उठाती रही है। अजय राय ने अब अदालत में मानहानि का दावा दाखिल करके अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को कानूनी चुनौती दी है। दूसरी तरफ, इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आगे क्या कानूनी या राजनीतिक प्रतिक्रिया आती है, यह भी देखने वाली बात होगी।
फिलहाल मछली भोज से शुरू हुआ विवाद अब सीधे कोर्ट पहुंच चुका है। अजय राय ने लखनऊ सिविल कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दाखिल कर दिया है और इस मामले में आगे की कार्रवाई अदालत की प्रक्रिया के अनुसार होगी। अब सवाल यह है कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या आने वाले दिनों में यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ा सियासी मुद्दा बनता है। फिलहाल इतना जरूर है कि मछली भोज का विवाद अब राजनीतिक मंच से निकलकर कानूनी लड़ाई में बदल चुका है।


