न्यूयॉर्क में खेले जा रहे यूएस ओपन के पुरुष सिंगल्स में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ज्वेरेव ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नीदरलैंड के बोटिक वान डे जैंडशुल्प को सीधे तीन सेटों में 6-2, 7-5, 6-1 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। अब खिताब की दौड़ में उनका सामना रूस के कैरेन खाचानोव से होगा।
आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ज्वेरेव शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी नजर आए। पहले सेट में उन्होंने शानदार सर्विस और आक्रामक खेल के दम पर 6-2 से जीत दर्ज की। दूसरे सेट में जैंडशुल्प ने कुछ बेहतर चुनौती पेश की, लेकिन ज्वेरेव ने महत्वपूर्ण मौकों पर दबाव बनाए रखा और 7-5 से सेट अपने नाम कर लिया। तीसरे सेट में जर्मन खिलाड़ी ने एक बार फिर अपनी लय पकड़ ली और 6-1 से मुकाबला खत्म कर दिया।
ज्वेरेव की इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वह एक ही सत्र में चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहे हैं। यह उनके करियर में पहली बार हुआ है। इस साल उन्होंने फ्रेंच ओपन जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। इसके अलावा वह विंबलडन के फाइनल तक भी पहुंचे थे। ऐसे में यूएस ओपन में भी उनकी नजर एक और बड़ी उपलब्धि पर है।
दिलचस्प बात यह है कि क्वार्टर फाइनल से पहले ज्वेरेव को पूरी रात आराम करने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने बेन शेल्टन और मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज के बीच खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले को देर रात तक देखा। यह मुकाबला स्थानीय समय के अनुसार बुधवार सुबह 3 बजकर 34 मिनट पर खत्म हुआ था और यूएस ओपन इतिहास में सबसे देर से समाप्त होने वाले मुकाबलों में दर्ज हुआ।
ज्वेरेव ने बताया कि उन्होंने यह मुकाबला करीब साढ़े तीन बजे तक देखा और उसके बाद सोने नहीं गए। उनका कहना था कि उन्हें वैसे भी दोपहर तक आराम करना था, इसलिए उन्होंने मैच देखने का फैसला किया। खास बात यह भी है कि यूएस ओपन में ज्वेरेव के शुरुआती तीन मुकाबले भी देर रात तक चले थे। इसके बावजूद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में शानदार फिटनेस और मानसिक मजबूती दिखाई।
हालांकि ज्वेरेव का इस टूर्नामेंट में सफर पूरी तरह आसान नहीं रहा। शुरुआती दो मुकाबलों में उन्हें पांच सेट तक संघर्ष करना पड़ा था। आंकड़ों के मुताबिक इस साल यूएस ओपन में वह अब तक 80 गेम गंवा चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया और अब सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं।
अब ज्वेरेव के सामने रूस के कैरेन खाचानोव की चुनौती है। खाचानोव ने क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लॉक्स के चोट के कारण मुकाबले से हटने के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाई। मैच रोके जाने के समय खाचानोव 6-2, 7-5, 3-2 से आगे थे। ब्लॉक्स के लिए यह टूर्नामेंट बेहद शानदार रहा, लेकिन क्वार्टर फाइनल में चोट ने उनका साथ नहीं दिया।
ब्लॉक्स को मुकाबले के दौरान पैर में छाले की समस्या हुई और बाद में पीठ का दर्द भी बढ़ गया। इससे पहले चौथे दौर में भी वह पसली की चोट से परेशान थे। अंततः उन्होंने मुकाबला छोड़ने का फैसला किया, क्योंकि वह चोट को और गंभीर बनाकर अपना पूरा सीजन खराब नहीं करना चाहते थे।
खाचानोव के लिए भी यह सेमीफाइनल काफी महत्वपूर्ण है। वह 2023 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के अंतिम चार में पहुंचे हैं। कभी विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान तक पहुंच चुके खाचानोव इस समय 50वें स्थान पर हैं और 2018 के बाद पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में बिना वरीयता के उतरे हैं।
अब ज्वेरेव और खाचानोव के बीच होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। खाचानोव ने साफ कहा है कि ज्वेरेव को हराने के लिए उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलना होगा। दूसरी तरफ ज्वेरेव भी अपने प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने खाचानोव को लेकर मजाकिया अंदाज में कहा कि साथी खिलाड़ी उन्हें टेनिस का प्रोफेसर कहते हैं, क्योंकि उन्हें खेल की तकनीक और बारीकियों की गहरी समझ है।
अब सवाल यह है कि क्या ज्वेरेव चारों ग्रैंड स्लैम में अपने शानदार प्रदर्शन को यूएस ओपन खिताब में बदल पाएंगे, या फिर खाचानोव उनके अभियान पर ब्रेक लगा देंगे। सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है और पूरी दुनिया की नजर इस मुकाबले पर रहेगी।


