रात में हॉस्टल में सो रही थीं छात्राएं, लेकिन सुबह आंख खुलते ही जो नजारा सामने आया, उसने पूरे स्कूल में हड़कंप मचा दिया! कक्षा 9 की एक-दो नहीं, बल्कि 10 छात्राओं की चोटियां कट चुकी थीं। आखिर रात के अंधेरे में ऐसा क्या हुआ? क्या हॉस्टल में कोई बाहरी व्यक्ति घुसा था, या फिर इस हैरान करने वाली घटना के पीछे कोई और वजह थी?
यह पूरा मामला आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के भीमुनिपटनम मंडल स्थित कृष्णापुरम के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय यानी केजीबीवी से जुड़ा है। यहां रहने वाली कक्षा 9 की दस छात्राओं के बाल रात में सोते समय काट दिए जाने की घटना सामने आई है।
बताया जा रहा है कि छात्राएं रोज की तरह रात में सोने चली गई थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि सुबह उठने पर उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। जब छात्राओं की नींद खुली और उन्होंने अपने बाल कटे हुए देखे, तो उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। छात्राओं के बीच डर और बेचैनी का माहौल बन गया।
एक साथ इतनी छात्राओं के बाल काटे जाने की खबर सामने आने के बाद सबसे पहला सवाल हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर उठा। आखिर रात में छात्राओं के सोते समय ऐसा कैसे हुआ? क्या किसी अनजान व्यक्ति ने परिसर में प्रवेश किया था? क्या हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी? इन सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया।
घटना के बाद हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच किए जाने की बात सामने आई। शुरुआत में बाहरी व्यक्ति के परिसर में घुसने की आशंका जताई गई थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद मामले को लेकर एक अलग एंगल सामने आने की चर्चा हुई।
हालांकि, इस कथित नए एंगल की पूरी जानकारी और घटना के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि बाल किसने काटे, किस उद्देश्य से काटे गए या इस घटना में कौन-कौन शामिल था।
इस घटना ने छात्राओं के अभिभावकों और हॉस्टल में रहने वाली बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है। खासकर रात के समय निगरानी, परिसर की सुरक्षा और किसी भी असामान्य घटना पर तत्काल कार्रवाई जैसे पहलुओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दस छात्राओं के बाल काटे जाने की घटना आखिर कैसे हुई? सीसीटीवी फुटेज में वास्तव में क्या सामने आया? क्या जांच में किसी छात्रा की भूमिका सामने आई है, या फिर घटना के पीछे कोई दूसरी वजह है? इन सवालों का जवाब जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल विशाखापत्तनम के इस बालिका विद्यालय की घटना ने सभी को चौंका दिया है। छात्राओं के बीच पैदा हुए डर को दूर करना और घटना की सच्चाई सामने लाना बेहद जरूरी है। अब नजर इस बात पर है कि जांच में क्या खुलासा होता है और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।


