एआई की बढ़ती मांग के बीच चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी Nvidia ने शेयर बायबैक को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने 150 अरब डॉलर के नए शेयर बायबैक कार्यक्रम को मंजूरी दी है। यह मंजूरी Nvidia के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बायबैक बढ़ोतरी में से एक है और इसके बाद कंपनी के पास कुल 235 अरब डॉलर तक के शेयर वापस खरीदने की क्षमता हो गई है।
Nvidia के इस फैसले की खबर सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 2 फीसदी की तेजी देखी गई। कंपनी एआई चिप्स और उससे जुड़ी तकनीकों की बढ़ती मांग से लगातार मजबूत कारोबार कर रही है। इसी मजबूत नकदी कमाई के बीच Nvidia अब एक तरफ नई तकनीकों में निवेश जारी रखना चाहती है और दूसरी तरफ शेयरधारकों को पूंजी लौटाने की क्षमता भी बनाए रखना चाहती है।
नई मंजूरी के तहत Nvidia के पास अब 235 अरब डॉलर तक के शेयरों की बायबैक क्षमता होगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल वित्त वर्ष 2028 तक करने की योजना बना रही है। यानी आने वाले वर्षों में कंपनी अपने शेयरों को बाजार से वापस खरीदने के लिए बड़ी रकम खर्च कर सकती है।
इस फैसले की तुलना अगर दूसरी बड़ी अमेरिकी कंपनियों से करें तो इसकी विशालता का अंदाजा लगाया जा सकता है। 2024 में Apple को 110 अरब डॉलर के शेयर बायबैक कार्यक्रम की मंजूरी मिली थी। Nvidia की नई 150 अरब डॉलर की मंजूरी उससे भी बड़ी है।
Nvidia के शेयर इस साल अब तक 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं। इसके बावजूद उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का मौजूदा मूल्यांकन पिछले कई वर्षों के मुकाबले अपेक्षाकृत निचले स्तर पर बताया जा रहा है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, Nvidia के शेयर करीब 16.5 गुना अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई पर कारोबार कर रहे थे। यह जनवरी 2015 के बाद का सबसे कम स्तर बताया गया है, जबकि पिछले 15 वर्षों का औसत करीब 30 गुना रहा है।
कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति के पीछे सबसे बड़ी वजह एआई से जुड़ी मांग है। एआई मॉडल की ट्रेनिंग और उससे जुड़े कंप्यूटिंग कामों के लिए हाई-परफॉर्मेंस चिप्स और दूसरी तकनीकों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। Nvidia इस क्षेत्र में एक प्रमुख चिप सप्लायर होने के कारण इस मांग से लाभ उठा रही है।
Nvidia के CEO जेनसन हुआंग ने भी कंपनी की मजबूत नकदी कमाई का जिक्र करते हुए कहा है कि इससे कंपनी को नई तकनीकों में निवेश करने और शेयरधारकों को पूंजी लौटाने, दोनों के लिए पर्याप्त क्षमता मिलती है। कंपनी इससे पहले मई में भी 80 अरब डॉलर के शेयर बायबैक कार्यक्रम की घोषणा कर चुकी थी।
नई 150 अरब डॉलर की मंजूरी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी कंपनियों में शेयर बायबैक की रफ्तार में कमी देखी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जुलाई से 23 सितंबर के बीच शेयर बायबैक में करीब 50 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। ऐसे माहौल में Nvidia का इतना बड़ा बायबैक कार्यक्रम बाजार के लिए खास महत्व रखता है।
वहीं कंपनी के पास जुलाई तिमाही के अंत में करीब 22.44 अरब डॉलर की नकदी और नकदी के बराबर संपत्तियां थीं। Nvidia ने वित्त वर्ष 2028 के लिए करीब 70 फीसदी राजस्व वृद्धि का अनुमान भी दिया है। अब कंपनी के सामने चुनौती यह होगी कि एआई से जुड़ी तेज मांग को लंबे समय तक बनाए रखते हुए बड़े पैमाने पर निवेश और शेयरधारकों को पूंजी लौटाने के बीच संतुलन कैसे कायम रखा जाए।


