दिल्ली में ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस के हाथ ऐसा खजाना लगा है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। एक महिला आरोपी पार्वती के घर और लॉकर की तलाशी में लाखों रुपये का कैश, सोने-चांदी के आभूषण और करोड़ों की संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति और नकदी ड्रग तस्करी से अर्जित की गई थी। अब जांच का दायरा सिर्फ नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कथित तौर पर उससे बनाई गई संपत्ति और पैसों के नेटवर्क तक पहुंच गया है।
दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड ने 28 सितंबर 2026 को बवाना की जेजे कॉलोनी स्थित पार्वती के घर और उसके लॉकर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को 56 लाख 69 हजार 500 रुपये नकद मिले। इसके अलावा 355 ग्राम सोने के आभूषण और 161 ग्राम चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए। इतना ही नहीं, पुलिस के अनुसार चार प्रॉपर्टी रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी तलाशी में मिले हैं।
इतनी बड़ी बरामदगी के बाद अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती धातुएं कहां से आईं। पुलिस का दावा है कि बरामद रकम और संपत्तियां ड्रग तस्करी से जुड़े अवैध कारोबार से अर्जित की गई थीं। हालांकि, इस मामले में बरामदगी और आरोपों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच की सबसे अहम कड़ी इस मामले का इंटर-स्टेट कनेक्शन है। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई से राजस्थान से जुड़े एक इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट का भी खुलासा हुआ है। यानी जांच अब दिल्ली से आगे बढ़कर दूसरे राज्यों तक पहुंच सकती है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ड्रग नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से होती थी और उससे मिलने वाली रकम को किस तरह अलग-अलग संपत्तियों या दूसरी चीजों में लगाया जाता था।
ड्रग तस्करी के मामलों में अक्सर पुलिस की जांच केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहती। कथित तौर पर तस्करी से कमाई गई रकम का पता लगाना भी जांच का अहम हिस्सा होता है। इसी वजह से पार्वती के घर और लॉकर से मिली नकदी, सोना, चांदी और प्रॉपर्टी के दस्तावेज जांच के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच से कथित नेटवर्क के पैसों के प्रवाह को समझने में मदद मिल सकती है।
56 लाख 69 हजार 500 रुपये की नकदी बरामद होना इस कार्रवाई का सबसे बड़ा हिस्सा है। इसके साथ 355 ग्राम सोने के आभूषण और 161 ग्राम चांदी की बरामदगी भी हुई है। चार प्रॉपर्टी दस्तावेज मिलने से जांचकर्ताओं के सामने संपत्ति से जुड़ा एक अलग एंगल भी सामने आया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि इन संपत्तियों का मालिकाना हक किसके नाम है और इनकी खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था।
इस मामले में राजस्थान कनेक्शन भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अगर पुलिस की जांच में इंटर-स्टेट नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो यह मामला एक स्थानीय ड्रग तस्करी के केस से कहीं बड़ा हो सकता है। अलग-अलग राज्यों के बीच नशीले पदार्थों की कथित सप्लाई, पैसों के लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आगे की कार्रवाई का आधार बन सकती है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में नकदी, सोना, चांदी और प्रॉपर्टी दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन चीजों को कथित ड्रग तस्करी की कमाई से जोड़कर जांच कर रही है। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि पार्वती की भूमिका क्या थी, कथित नेटवर्क कितना बड़ा था और बरामद संपत्ति का वास्तविक स्रोत क्या है।
दिल्ली में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि ड्रग तस्करी के मामलों में जांच केवल नशीले पदार्थों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसके पीछे मौजूद कथित आर्थिक नेटवर्क तक भी पहुंचती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में राजस्थान समेत दूसरे राज्यों से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।


