सहारनपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 804 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये कीमत की 13 चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि कथित तौर पर नशे के कारोबार से जुड़े उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई है।
मामला स्मैक तस्करी से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को 804 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की संपत्तियों और उनकी कथित आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद सामने आई संपत्तियों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बड़े पैमाने पर स्मैक के अवैध कारोबार में शामिल थे। जांच में उनकी करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये की 13 चल-अचल संपत्तियों का पता लगाया गया। इनमें अलग-अलग प्रकार की संपत्तियां शामिल बताई गई हैं। इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.05 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई। इस कानूनी प्रावधान के तहत नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में संदिग्ध अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में भी पुलिस ने आरोपियों के कथित आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई करने का दावा किया है।
804 ग्राम स्मैक की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच में पुलिस का फोकस सिर्फ नशीले पदार्थ की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं रहा। जांच एजेंसियों ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि कथित तस्करी से पैसा कहां से आया और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां बनाई या खरीदी गईं। इसी प्रक्रिया के तहत 13 चल-अचल संपत्तियों को कार्रवाई के दायरे में लाया गया।
सहारनपुर पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आर्थिक स्तर पर उठाया गया कदम बताया जा रहा है। आमतौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है, लेकिन ऐसे मामलों में अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 5 लाख रुपये है। न्यायालय के आदेश के बाद इन्हें जब्त किया गया है। अब इन संपत्तियों से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी और मामले में अदालत के समक्ष संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य रखे जाएंगे।
इस कार्रवाई के पीछे पुलिस का मकसद कथित तौर पर नशे के कारोबार से होने वाले आर्थिक लाभ पर रोक लगाना है। यानी कार्रवाई केवल उन लोगों तक सीमित नहीं है जिनके पास से नशीला पदार्थ बरामद हुआ, बल्कि जांच के दौरान सामने आए कथित आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसने की कोशिश की गई है।
फिलहाल 804 ग्राम स्मैक की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों की करीब 2.05 करोड़ रुपये की 13 संपत्तियां पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आ चुकी हैं। आगे की कानूनी प्रक्रिया में इन संपत्तियों को लेकर अदालत के स्तर पर क्या निर्णय होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
सहारनपुर में हुई इस कार्रवाई से यह भी साफ है कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच अब सिर्फ बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि कथित अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।


