फुटबॉल की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों में शामिल लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बीच वर्षों तक मैदान पर चली प्रतिद्वंद्विता के बाद एक बार फिर सम्मान और भावनाओं का रिश्ता देखने को मिला है। अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम से लियोनेल मेसी की विदाई के बाद क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उनके लिए खास संदेश लिखा और अपने देश के लिए मेसी के योगदान की सराहना की। रोनाल्डो के इस संदेश ने दोनों खिलाड़ियों के प्रशंसकों का ध्यान खींचा है।
मेसी ने ब्यूनस आयर्स में बेनिन के खिलाफ अर्जेंटीना के दोस्ताना मुकाबले के बाद राष्ट्रीय टीम से विदाई ली। इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की। मेसी ने टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए एक गोल किया और दो गोल में सहायता दी। मुकाबला मॉन्यूमेंटल स्टेडियम में खेला गया, जहां बड़ी संख्या में प्रशंसक मेसी को अर्जेंटीना की जर्सी में आखिरी बार मैदान पर देखने पहुंचे थे।
मैच के बाद मेसी ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि यह अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका आखिरी मुकाबला था और वह पहले से ही नीली-सफेद जर्सी को याद करने लगे हैं। मेसी ने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर को याद करते हुए कहा कि यह यात्रा शानदार रही, जिसमें कई खुशियों के साथ मुश्किल और दुख के पल भी आए। उनके मुताबिक, इस पूरे सफर में उन्होंने जो फैसले लिए, उन्हें लेकर उन्हें संतोष है।
मेसी ने अपने संदेश में अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना को भी याद किया। उन्होंने कहा कि माराडोना ने अर्जेंटीना को वह सम्मान दिलाया, जिसका देश हकदार था। मेसी ने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास है कि माराडोना ने उनके और अर्जेंटीना की टीम के सफर में किसी न किसी रूप में साथ दिया। मेसी के इस भावुक संदेश ने उनकी राष्ट्रीय टीम की यात्रा को लेकर प्रशंसकों की यादें फिर ताजा कर दीं।
मेसी के इस संदेश पर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने प्रतिक्रिया दी। रोनाल्डो ने मेसी के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और अर्जेंटीना के लिए उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इतने वर्षों तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्होंने ऐसा इतिहास बनाया है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। रोनाल्डो ने अपने संदेश में मेसी के प्रति सम्मान जाहिर किया और भावनात्मक अंदाज में उन्हें गले लगाने की बात भी कही।
मेसी का अर्जेंटीना के साथ अंतरराष्ट्रीय सफर कई बड़ी उपलब्धियों से भरा रहा। उनकी कप्तानी में अर्जेंटीना ने 2021 में कोपा अमेरिका का खिताब जीता। इसके बाद 2022 में टीम ने फाइनलिसिमा जीती और उसी साल कतर में खेले गए विश्व कप में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया। 2024 में भी अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका का खिताब अपने नाम किया। इन सफलताओं ने राष्ट्रीय टीम के साथ मेसी की विरासत को और मजबूत किया।
मेसी और रोनाल्डो की प्रतिद्वंद्विता पिछले डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक फुटबॉल की सबसे चर्चित कहानियों में रही है। दोनों खिलाड़ी लंबे समय तक दुनिया के शीर्ष फुटबॉलरों में शामिल रहे। स्पेन में मेसी बार्सिलोना और रोनाल्डो रियल मैड्रिड के लिए खेलते थे, जिसके दौरान दोनों के बीच क्लब स्तर पर कई यादगार मुकाबले हुए। इन मुकाबलों ने दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों को दो अलग-अलग खेमों में बांट दिया था।
दोनों खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियां भी बेहद प्रभावशाली रही हैं। मेसी और रोनाल्डो ने मिलकर 13 बार बैलन डी’ओर पुरस्कार जीता है। वर्षों तक दोनों की तुलना होती रही, लेकिन मैदान के बाहर कई मौकों पर दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी दिखाया है। मेसी की राष्ट्रीय टीम से विदाई पर रोनाल्डो का संदेश इसी सम्मान की एक और मिसाल के रूप में सामने आया है।
मेसी के अंतरराष्ट्रीय सफर के अंतिम मुकाबले में उनका प्रदर्शन भी खास रहा। उन्होंने न केवल गोल किया, बल्कि दो गोल में सहायता देकर टीम की 3-0 की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हजारों प्रशंसकों के सामने अर्जेंटीना की जर्सी में उनके इस प्रदर्शन ने विदाई के पल को और यादगार बना दिया।
दूसरी ओर, मेसी की विदाई के समय रोनाल्डो खुद पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से जुड़े घटनाक्रम को लेकर चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कोच जॉर्ज जीसस के साथ मतभेद के बाद टीम का शिविर छोड़ने के लिए माफी मांगी है। हालांकि, उनकी राष्ट्रीय टीम के भविष्य को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
फुटबॉल की दुनिया में मेसी और रोनाल्डो का दौर लंबे समय तक याद किया जाएगा। दोनों ने अलग-अलग देशों और क्लबों के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए इस खेल की लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। अब अर्जेंटीना की जर्सी में मेसी के अंतरराष्ट्रीय सफर के इस अध्याय के समाप्त होने के साथ रोनाल्डो का सम्मान भरा संदेश एक ऐसी प्रतिद्वंद्विता की दूसरी तस्वीर दिखाता है, जिसमें मुकाबले के साथ-साथ एक-दूसरे के योगदान की कद्र भी मौजूद रही।


