एक ही विमानन कंपनी के दो अलग-अलग हादसों ने विमान सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले मुंबई एयरपोर्ट पर VSR कंपनी के एक चार्टर विमान की क्रैश लैंडिंग हुई थी। अब इस मामले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी AAIB की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में खराब मौसम के बावजूद अस्थिर लैंडिंग प्रक्रिया जारी रखने और विमान को संभालने में हुई गलतियों को दुर्घटना का संभावित कारण बताया गया है। इस मामले की चर्चा इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि इसी कंपनी का एक अन्य विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कई लोगों की मौत हो गई थी।
दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर यह घटना 14 सितंबर 2023 को हुई थी। AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, VSR की एक गैर-नियमित यात्री उड़ान विशाखापत्तनम से मुंबई पहुंची थी। विमान ने विशाखापत्तनम से सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी और यात्रा के दौरान किसी बड़ी समस्या की जानकारी सामने नहीं आई थी। इसके बाद विमान को मुंबई एयरपोर्ट के रनवे 27 पर उतरने की अनुमति दी गई।
हालांकि, लैंडिंग के समय मुंबई में भारी बारिश हो रही थी और दृश्यता काफी कम हो गई थी। ऐसी परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित उतारने के लिए पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। रिपोर्ट में बताया गया कि विमान का अप्रोच स्थिर नहीं था, लेकिन इसके बावजूद चालक दल ने लैंडिंग की प्रक्रिया जारी रखी। विमान रनवे पर उतरने के बाद फिसल गया और दुर्घटना हो गई। इस हादसे में दो चालक दल के सदस्यों और छह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं।
AAIB की अंतिम रिपोर्ट में उड़ान के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं और विमान संचालन से जुड़े कई पहलुओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना का संभावित कारण खराब मौसम में अस्थिर अप्रोच जारी रखने का फैसला और विमान को उचित तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाना था। रिपोर्ट में मानक संचालन प्रक्रियाओं यानी एसओपी का पालन नहीं किए जाने की बात भी कही गई है।
जांच रिपोर्ट में एयरलाइन की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें VSR की आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया में कमियों का उल्लेख किया गया है। विमानन क्षेत्र में आंतरिक ऑडिट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि उड़ानों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियमों के अनुसार हो रहा है। इसलिए ऐसी कमियों की पहचान और उनका समय पर समाधान करना बेहद जरूरी माना जाता है।
अब इस पुराने हादसे का संबंध अजित पवार से जुड़े विमान हादसे के संदर्भ में भी चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ लियरजेट विमान भी VSR से जुड़ा था। उस हादसे में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य लोगों की जान चली गई थी। दोनों घटनाओं में एक ही विमानन कंपनी का नाम सामने आने के कारण विमान संचालन, सुरक्षा प्रक्रियाओं और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि दो अलग-अलग विमान दुर्घटनाओं में एक ही कंपनी का नाम होने से यह साबित नहीं होता कि दोनों हादसों के कारण भी एक जैसे थे। मुंबई की दुर्घटना के संबंध में AAIB की रिपोर्ट में अस्थिर अप्रोच, खराब मौसम में लैंडिंग जारी रखने और संचालन संबंधी कमियों का उल्लेख किया गया है। बारामती हादसे के कारणों के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए उसकी अलग जांच रिपोर्ट और आधिकारिक निष्कर्षों को देखना जरूरी है।
विमानन सुरक्षा में पायलटों के फैसले, मौसम की स्थिति, विमान की तकनीकी दशा, प्रशिक्षण और कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। खराब दृश्यता में लैंडिंग के दौरान तय मानकों का पालन करना विशेष रूप से जरूरी होता है। अगर विमान का अप्रोच अस्थिर हो, तो निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार लैंडिंग रोकने या दोबारा प्रयास करने जैसे विकल्पों पर विचार किया जाता है।
फिलहाल 2023 में मुंबई एयरपोर्ट पर हुई दुर्घटना की AAIB रिपोर्ट ने विमान संचालन और सुरक्षा प्रक्रियाओं से जुड़ी कमियों को सामने रखा है। वहीं, अजित पवार से जुड़े बारामती विमान हादसे के संदर्भ में भी VSR कंपनी का नाम चर्चा में है। अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जांच में सामने आई कमियों से विमानन सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए जाते हैं और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


