भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर तिरंगे का मान बढ़ा दिया है। अहमदाबाद में खेले गए पहली कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा शानदार प्रदर्शन किया कि युगांडा की टीम मुकाबले में टिक नहीं सकी। भारत ने युगांडा को 35-15 के बड़े अंतर से हराकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने प्रतियोगिता में अपनी शानदार क्षमता और दमदार खेल का परिचय दिया। पूरे मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का रेड और डिफेंस दोनों विभागों में दबदबा देखने को मिला।
फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने आक्रामक रणनीति अपनाई। खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल के साथ युगांडा पर दबाव बनाए रखा। भारतीय रेडरों ने लगातार अंक जुटाए, वहीं रक्षण में मौजूद खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम के हमलों को नाकाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुकाबले के दौरान भारत ने युगांडा की टीम को दो बार ऑलआउट किया, जिसने जीत का अंतर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय टीम ने रेड के जरिए कुल 20 अंक और टैकल के माध्यम से 10 अंक हासिल किए। इसके अलावा अन्य अंकों की मदद से टीम ने 35-15 के स्कोर पर मुकाबला समाप्त किया।
भारत की इस शानदार जीत में साक्षी सबसे बड़ी स्टार बनकर उभरीं। उन्होंने बेहतरीन रेडिंग करते हुए अकेले नौ रेड अंक हासिल किए। उनके लगातार सफल प्रयासों ने युगांडा की रक्षण पंक्ति को काफी परेशान किया। साक्षी ने अपनी तेजी, सूझबूझ और सही समय पर लिए गए फैसलों से भारतीय टीम को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। वहीं अनु ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए छह रेड अंक अपने नाम किए। भारतीय टीम की कप्तान निधि शर्मा ने नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाते हुए तीन बोनस सहित कुल पांच अंक हासिल किए।
रक्षण की बात करें तो भारतीय खिलाड़ियों ने यहां भी अपनी ताकत दिखाई। रितु और सुमन ने शानदार तालमेल के साथ खेलते हुए चार-चार टैकल अंक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों ने युगांडा के रेडरों को रोकने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय रक्षण की मजबूती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि युगांडा की टीम पूरे मुकाबले में केवल एक टैकल अंक ही हासिल कर सकी। भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को लगातार दबाव में रखा और उसे वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया।
दूसरी तरफ युगांडा की ओर से नाकायोंगो शिरात ने अकेले संघर्ष करते हुए अपनी टीम के लिए 11 अंक जुटाए। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के खिलाफ कई बार अंक हासिल करने की कोशिश की, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। युगांडा की टीम ने कुल 14 रेड अंक हासिल किए, लेकिन भारतीय रक्षण के सामने उसकी रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुई।
खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी साक्षी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह नौ रेड अंक हासिल करके और टीम की जीत में योगदान देकर बेहद खुश हैं। उन्होंने इस चैंपियनशिप में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। साक्षी ने छह मुकाबलों में कुल 52 अंक जुटाकर प्रतियोगिता का समापन किया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय महिला कबड्डी टीम की सफलता में बेहद महत्वपूर्ण रहा।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश की महिला खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। अहमदाबाद में मिली यह सफलता भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गई है। अब इस खिताबी जीत के बाद भारतीय महिला टीम की खिलाड़ियों और उनके शानदार प्रदर्शन की चर्चा खेल जगत में हो रही है।


