भारत सरकार ने 1998 बैच के वरिष्ठ भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी विश्वास विदु सपकाल को स्लोवाकिया में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि वह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
वर्तमान में विश्वास विदु सपकाल पेरू में भारत के राजदूत के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लंबे राजनयिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय मामलों की गहरी समझ के कारण उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सपकाल ने अपने करियर के दौरान कई देशों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इससे पहले वह फिजी में भारत के हाई कमिश्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कुक आइलैंड्स, किरिबाती, नाउरू, टोंगा, तुवालु और वानुअतु जैसे प्रशांत द्वीपीय देशों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव केवल प्रशांत क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वह रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में भारत के कॉन्सल जनरल भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने रूस, आर्मेनिया, मिस्र और अमेरिका में भी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
अपने राजनयिक करियर के दौरान उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी अहम भूमिका निभाई है। नवंबर 2015 में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-अफ्रीका फोरम समिट (IAFS) में उन्होंने डायरेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। यह कार्यक्रम भारत और अफ्रीकी देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसके अलावा फरवरी 2023 में फिजी में आयोजित 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन में उन्होंने मुख्य समन्वयक यानी चीफ कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई थी। मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी में आयोजित तीसरे फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन (FIPIC) सम्मेलन में भी उन्होंने चीफ लाइजन ऑफिसर के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी।
विदेश मंत्रालय के भीतर भी उनका योगदान काफी अहम रहा है। उन्होंने नॉर्दर्न डिवीजन, एमईआर डिवीजन और फाइनेंस डिवीजन में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। मई 2019 से नवंबर 2019 तक वह जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में BIMSTEC, SAARC और नालंदा से जुड़े मामलों को संभालते रहे।
इसके बाद नवंबर 2019 से जून 2023 तक उन्होंने जॉइंट सेक्रेटरी (साउथ) के रूप में काम किया। अगस्त 2021 से जनवरी 2022 के बीच उन्हें इंडो-पैसिफिक मामलों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, बहुपक्षीय कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उनके व्यापक अनुभव का लाभ भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मजबूत करने में मिल सकता है।
स्लोवाकिया मध्य यूरोप का एक महत्वपूर्ण देश है और हाल के वर्षों में भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है। ऐसे में विश्वास विदु सपकाल की नियुक्ति दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे सकती है।


