बार-बार पेट दर्द, ऐंठन, दस्त या गैस की समस्या को सामान्य फूड पॉइजनिंग समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कई मामलों में इसकी वजह ई. कोलाई (E. Coli) नामक बैक्टीरिया का संक्रमण भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, खासकर गर्मी और मानसून के मौसम में दूषित भोजन और पानी के कारण इस संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
ई. कोलाई एक प्रकार का बैक्टीरिया है। इसकी कई किस्में सामान्य रूप से हमारी आंतों में मौजूद रहती हैं और नुकसान नहीं पहुंचातीं। लेकिन इसके कुछ रोग पैदा करने वाले स्ट्रेन गंभीर संक्रमण का कारण बन सकते हैं, जिससे पेट और आंतों पर बुरा असर पड़ता है।
कैसे फैलता है E. Coli संक्रमण?
दूषित पानी पीने से
अधपका या संक्रमित मांस खाने से
बिना धोए फल और सब्जियां खाने से
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या खराब स्वच्छता के कारण
शौच के बाद हाथ ठीक से न धोने से
क्या हैं इसके लक्षण?
ई. कोलाई संक्रमण होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं—
पेट में तेज ऐंठन और दर्द
बार-बार दस्त
मतली और उल्टी
पेट भारी लगना
गैस और बेचैनी
गंभीर मामलों में बुखार और खूनी दस्त
डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी)
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में यह संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि दस्त लगातार हो रहे हों, मल में खून आए, तेज बुखार हो, पेट में असहनीय दर्द हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसी स्थिति में स्वयं दवा लेना उचित नहीं है।
कैसे करें बचाव?
खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
केवल साफ और सुरक्षित पानी पिएं।
फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
मांस और अन्य खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह पकाकर खाएं।
दस्त होने पर पर्याप्त पानी और ओआरएस जैसे तरल पदार्थ लेते रहें।
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी स्वच्छता और सुरक्षित खानपान की आदतें अपनाकर ई. कोलाई संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


