मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं यह त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी लेकर आता है। इस मौसम में कई लोगों के चेहरे पर झाइयां (Pigmentation) पहले से ज्यादा दिखाई देने लगती हैं। अक्सर लोग मानते हैं कि झाइयां केवल तेज धूप की वजह से होती हैं, लेकिन त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में भी यह समस्या बढ़ सकती है।
हवा में बढ़ी नमी, पसीना, धूल और बादलों के बीच से आने वाली यूवी किरणें त्वचा पर असर डालती हैं, जिससे पिगमेंटेशन अधिक उभरकर दिखाई दे सकता है।
मानसून में क्यों बढ़ती हैं झाइयां?
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार मानसून में वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है। इससे त्वचा पर पसीना और अतिरिक्त तेल जमा होने लगता है। यदि चेहरे की सही तरीके से सफाई न की जाए तो धूल और गंदगी त्वचा पर जम जाती है, जिससे पिगमेंटेशन की समस्या बढ़ सकती है।
इसके अलावा, बादलों के बावजूद यूवी किरणें पृथ्वी तक पहुंचती हैं और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए केवल धूप वाले दिनों में ही नहीं, बल्कि बारिश के मौसम में भी त्वचा की सुरक्षा जरूरी होती है।
मानसून में पिगमेंटेशन बढ़ने के मुख्य कारण
1. बढ़ी हुई नमी और धूल
बारिश के मौसम में चेहरे पर चिपचिपाहट बढ़ जाती है। इस कारण धूल और प्रदूषण त्वचा पर आसानी से चिपक जाते हैं, जिससे त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
2. सनस्क्रीन न लगाना
कई लोग सोचते हैं कि बादल होने पर सनस्क्रीन की जरूरत नहीं होती। लेकिन यह सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। यूवी किरणें बादलों के बीच से भी त्वचा तक पहुंच सकती हैं और लंबे समय में झाइयों तथा पिगमेंटेशन को बढ़ा सकती हैं।
3. जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना
कुछ लोग चेहरे की टैनिंग या दाग-धब्बे हटाने के लिए बार-बार स्क्रब करते हैं। अत्यधिक स्क्रबिंग से त्वचा की बाहरी परत प्रभावित हो सकती है, जिससे जलन और पिगमेंटेशन बढ़ने की आशंका रहती है।
4. गलत स्किन केयर प्रोडक्ट्स
मानसून में हार्श केमिकल वाले फेसवॉश या स्किन प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है और संवेदनशील त्वचा पर दाग-धब्बे ज्यादा दिखाई देने लगते हैं।
झाइयों से बचने के आसान उपाय
रोज सनस्क्रीन लगाएं
घर से बाहर निकलते समय मौसम चाहे धूप वाला हो या बादलों वाला, अपनी स्किन टाइप के अनुसार SPF 30 या उससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत पड़ने पर दोबारा लगाएं।
माइल्ड फेसवॉश का इस्तेमाल करें
चेहरे की सफाई के लिए हल्के (माइल्ड) फेसवॉश का उपयोग करें, जिससे अतिरिक्त तेल, पसीना और गंदगी साफ हो जाए लेकिन त्वचा की प्राकृतिक नमी बनी रहे।
बार-बार स्क्रब न करें
सप्ताह में एक या दो बार से अधिक स्क्रब करने से बचें। जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
त्वचा को हाइड्रेट रखें
मानसून में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हल्का मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है। इससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है।
संतुलित आहार लें
विटामिन C, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्जियां त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
यदि झाइयां तेजी से बढ़ रही हों, दाग गहरे होते जा रहे हों या घरेलू देखभाल के बावजूद समस्या में सुधार न हो, तो त्वचा विशेषज्ञ (Dermatologist) से सलाह लें। सही जांच के बाद डॉक्टर आपकी त्वचा के अनुसार उचित उपचार बता सकते हैं।
निष्कर्ष
मानसून में झाइयों की समस्या केवल धूप की वजह से नहीं, बल्कि नमी, पसीना, धूल और यूवी किरणों के संयुक्त प्रभाव से भी बढ़ सकती है। सही स्किन केयर रूटीन, नियमित सनस्क्रीन का इस्तेमाल और त्वचा की उचित सफाई करके इस समस्या के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


