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NEET 2026 पेपर लीक पर Rahul Gandhi का बड़ा हमला, शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan से मांगा इस्तीफा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग की है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि NEET 2024 और NEET 2026 दोनों मामलों में एक जैसी स्थिति देखने को मिली है। उन्होंने लिखा कि पहले परीक्षा पत्र लीक होता है, फिर जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं, समितियां बनाई जाती हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं होती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से सवाल किया कि आखिर बार-बार परीक्षा पत्र लीक क्यों हो रहे हैं और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

गौरतलब है कि NEET UG परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश दिया जाता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई छात्र संगठनों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation (CBI) कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र कुछ लोगों तक पहुंचाया गया था। इस मामले में अब तक पांच राज्यों से नौ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जांच के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक रिकॉर्ड और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

सीबीआई ने सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान शिक्षक पीवी कुलकर्णी और पुणे की वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने परीक्षा से पहले कुछ छात्रों तक प्रश्न और उत्तर पहुंचाए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बदले मोटी रकम ली गई थी।

बता दें कि पिछले वर्ष भी NEET 2024 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। उस समय कई छात्रों को मिले असामान्य अंक और ग्रेस मार्क्स को लेकर सवाल उठे थे। बिहार और झारखंड में कथित पेपर लीक गिरोह का भी खुलासा हुआ था। हालांकि बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था।

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कथित लोगों का “पैसा कमाने वाला गठजोड़” बताया है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा से दो दिन पहले प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप पर प्रसारित किया गया था। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

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