थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। थाईलैंड सरकार ने अपनी एंट्री और वीजा नीतियों में बड़ा बदलाव करते हुए कई देशों के लिए लागू 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री सुविधा को समाप्त करने का फैसला किया है। इस बदलाव का असर भारत सहित कई देशों के यात्रियों पर पड़ेगा।
थाईलैंड सरकार का कहना है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने और वीजा श्रेणियों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए नियम लागू होने के बाद भारतीय यात्रियों के लिए थाईलैंड में प्रवेश और ठहरने की प्रक्रिया पहले से अलग होगी।
भारतीय यात्रियों पर क्या होगा असर?
भारत को जुलाई 2024 में थाईलैंड की 60-दिवसीय वीजा-फ्री योजना में शामिल किया गया था। इस योजना के तहत भारतीय नागरिक बिना वीजा के दो महीने तक थाईलैंड में रह सकते थे। लेकिन नए बदलाव के बाद यह सुविधा समाप्त कर दी गई है।
अब भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival) श्रेणी में रखा जाएगा। इसका मतलब है कि यात्रियों को थाईलैंड पहुंचने पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर वीजा प्राप्त करना होगा।
अब कितने दिन रुक सकेंगे भारतीय?
नए नियमों के तहत भारतीय पर्यटक वीजा ऑन अराइवल के माध्यम से थाईलैंड में अधिकतम 15 दिनों तक ही रह सकेंगे। ऐसे में यह व्यवस्था छोटी छुट्टियों और शॉर्ट ट्रिप्स के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
हालांकि जो लोग लंबे समय तक थाईलैंड में रहने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले से उपयुक्त वीजा श्रेणी के लिए आवेदन करना पड़ सकता है।
पहले से थाईलैंड में मौजूद लोगों के लिए राहत
यदि कोई भारतीय नागरिक नए नियम लागू होने से पहले थाईलैंड पहुंच चुका है या पहले से वहां रह रहा है, तो उसे अपने स्वीकृत स्टे पीरियड के अनुसार रहने की अनुमति मिलेगी। नए नियम पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होंगे।
किन देशों को मिलेगी Visa-Free Entry?
नए बदलावों के बाद 54 देशों के नागरिकों को 30 दिनों तक की वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा मिलेगी। इनमें जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं।
यात्रा से पहले क्या करें?
थाईलैंड यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम वीजा नियमों की जांच करें।
पासपोर्ट की वैधता और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
लंबी अवधि के प्रवास के लिए उपयुक्त वीजा विकल्पों की जानकारी लें।
यात्रा बीमा और होटल बुकिंग दस्तावेज साथ रखें।
नए नियमों के बाद भारतीय पर्यटकों को अपनी यात्रा की योजना पहले से अधिक सावधानी के साथ बनानी होगी, ताकि प्रवेश के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


