इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) की महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित बैठक में खरगे ने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, विदेश नीति और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) जैसे मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार को घेरा।
अपने संबोधन की शुरुआत में खरगे ने संसद में विपक्षी दलों की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एकजुट होकर संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों का प्रभावी विरोध किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया।
खरगे ने आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के कारण लाखों लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है तथा विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आर्थिक मोर्चे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता पर बोझ बढ़ा है। साथ ही नए निवेश और रोजगार सृजन की गति भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ने की आशंका भी दिखाई दे रही है।
युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए खरगे ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और प्रबंधन की कमियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण लाखों युवाओं की उम्मीदों को झटका लगा है और उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है।
विदेश नीति के मुद्दे पर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की पारंपरिक विदेश नीति के मूल्यों को पर्याप्त मजबूती से आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। खरगे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका और रणनीति पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने आगामी राजनीतिक रणनीति और संसद के भीतर तथा बाहर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की योजना पर भी चर्चा की। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी बैठक से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए विपक्षी एकता को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक आने वाले महीनों में विपक्ष की रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। INDIA गठबंधन महंगाई, रोजगार, लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सरकार को घेरने की तैयारी में दिखाई दे रहा है।
अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि विपक्ष द्वारा उठाए गए इन मुद्दों पर केंद्र सरकार की क्या प्रतिक्रिया आती है और आगामी राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।


