प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने एक बड़े बैंक लोन फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सतीश सेठ को गिरफ्तार कर लिया है। सतीश सेठ को लंबे समय तक उद्योगपति Anil Ambani का करीबी सहयोगी माना जाता रहा है।
जानकारी के मुताबिक, ED ने मुंबई में सतीश सेठ और रिलायंस समूह के एक अन्य पूर्व अधिकारी गौतम दोशी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से जांच एजेंसी को ट्रांजिट रिमांड मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI से जुड़े 114.98 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड से संबंधित है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने इसी वर्ष मार्च में सतीश सेठ और गौतम दोशी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
सीबीआई की जांच के अनुसार, SBI उन 11 बैंकों के कंसोर्टियम का प्रमुख सदस्य था, जिसने Reliance Telecom Limited को 735 करोड़ रुपये का टर्म लोन मंजूर किया था। आरोप है कि इसी लोन राशि में से 114.98 करोड़ रुपये के उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और हेरफेर किए गए।
सीबीआई द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इससे पहले जांच एजेंसियों ने दोनों अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जुटाए थे।
सतीश सेठ रिलायंस ग्रुप में ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और Reliance Infrastructure के वाइस चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने कॉर्पोरेट जगत में भी हलचल पैदा कर दी है।
अब ED दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि कथित वित्तीय अनियमितताओं में उनकी क्या भूमिका थी और धन के उपयोग का वास्तविक स्वरूप क्या था।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं


