भारत के दूरसंचार (Telecom) क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने ग्वालियर में देश का पहला Telecom Manufacturing Zone (TMZ) स्थापित करने का फैसला किया है। गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में दूरसंचार विभाग (DoT) और मध्य प्रदेश के उद्योग विभाग के बीच इस परियोजना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह परियोजना भारत को वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ग्वालियर में बनेगा देश का पहला Telecom Manufacturing Zone
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि ग्वालियर में लगभग 350 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक Plug-and-Play मॉडल पर Telecom Manufacturing Zone विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के पहले चरण में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपये की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता मंजूर की है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को नई गति प्रदान करेगी।
5G, 6G और सेमीकंडक्टर तकनीक पर होगा फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर का Telecom Manufacturing Zone देश को दूरसंचार उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि इस एकीकृत औद्योगिक परिसर में—
मोबाइल फोन निर्माण
नेटवर्क उपकरणों का उत्पादन
फाइबर ऑप्टिक्स निर्माण
सेमीकंडक्टर से जुड़े उद्योग
5G और 6G तकनीकों का अनुसंधान एवं विकास
जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
MSME और स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत की Semiconductor Mission और Electronics Component Schemes जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के साथ मिलकर एक मजबूत दूरसंचार इकोसिस्टम तैयार करेगी।
इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME), स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे। साथ ही घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
भारत के निर्यात को मिलेगी नई गति
सरकार का मानना है कि Telecom Manufacturing Zone बनने के बाद भारत में निर्मित दूरसंचार उपकरणों का वैश्विक निर्यात भी तेजी से बढ़ेगा। अनुसंधान, डिजाइन, निर्माण और उत्पादन की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में होने से लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
सिंधिया के प्रयासों से मिली ग्वालियर को सौगात
सरकारी जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के विशेष प्रयासों और लगातार पहल के चलते ग्वालियर को देश के पहले Telecom Manufacturing Zone के लिए चुना गया है।
इस परियोजना से न केवल मध्य प्रदेश को औद्योगिक विकास में नई पहचान मिलेगी, बल्कि भारत भी वैश्विक दूरसंचार विनिर्माण मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।
निष्कर्ष
ग्वालियर में बनने वाला देश का पहला Telecom Manufacturing Zone भारत के तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस परियोजना से दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत वैश्विक स्तर पर दूरसंचार उपकरणों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।


