उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1090 चौराहे के पास बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना के फ्लैटों पर नोटिस लगाए जाने की खबर तेजी से फैलने लगी, जिसके बाद लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ गई। हालांकि, सिंचाई विभाग ने इस पूरे मामले पर तुरंत स्पष्टीकरण जारी करते हुए इसे भ्रामक खबर बताया है।
जानकारी के मुताबिक, 1090 चौराहे के पास सिंचाई विभाग की जमीन पर वर्षों से किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने अवैध निर्माणों पर लाल रंग से क्रॉस का निशान लगाकर सात दिनों के भीतर जगह खाली करने का नोटिस जारी किया है।
यह क्षेत्र उस जमीन के नजदीक बताया जा रहा है, जिसे पहले माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराया गया था। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है और इसी के तहत यह कार्रवाई की गई।
इसी दौरान सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय स्तर पर यह खबर फैल गई कि मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैटों को भी खाली कराने का नोटिस दिया गया है। यह खबर फैलते ही वहां रहने वाले लोगों में असमंजस और गुस्सा बढ़ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने तत्काल बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। विभाग ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के फ्लैटों को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। यह नोटिस केवल आसपास के अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए लगाया गया था।
विभाग ने बताया कि लोगों के बीच भ्रम पैदा होने के बाद संबंधित स्थान से नोटिस को भी हटा लिया गया है ताकि किसी तरह की गलतफहमी न फैले। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अपुष्ट खबरों को आगे साझा न करें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं और अचानक नोटिस की खबर से उनके बीच चिंता का माहौल बन गया था। हालांकि, विभाग की सफाई के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन को सूचना प्रसारण में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद और वैध रूप से रह रहे लोगों में अनावश्यक डर का माहौल न बने।
फिलहाल प्रशासन अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए है और अधिकारियों का कहना है कि सभी कार्रवाइयां नियमानुसार की जा रही हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।


